कैबिनेट बैठक में अहम निर्णय: मातृत्व अवकाश, नई योजनाएं और बड़े स्तर पर भर्तियों को मंजूरी

शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 के लिए टोल टैक्स बैरियर नीति और आबकारी नीति को मंजूरी प्रदान की। महिला होमगार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का निर्णय भी लिया गया। आगामी बजट सत्र के दौरान राज्यपाल द्वारा दिए जाने वाले अभिभाषण को भी स्वीकृति दी गई।

शिक्षा व सामाजिक कल्याण से जुड़े निर्णय

‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन को मंजूरी देते हुए विधवाओं की बेटियों को, जो सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम कर रही हैं (प्रदेश के भीतर या बाहर), वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया। जहां छात्रावास सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, वहां 3,000 रुपये प्रतिमाह किराया सहायता भी दी जाएगी।

‘इंदिरा गांधी मातृ-शिशु संकल्प योजना’ लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसका उद्देश्य छह वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है।

विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के विवाह अनुदान में वृद्धि करते हुए 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की गई है। 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

शिक्षकों व स्कूलों से जुड़े फैसले

प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत और ड्राइंग शिक्षकों के 150-150 पद (कुल 600 पद) सृजित करने का निर्णय लिया गया, जिन्हें राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरा जाएगा। प्रदेश में 31 लड़कों और लड़कियों के विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने की स्वीकृति भी दी गई।
777 अतिरिक्त स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना लागू की जाएगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निर्णय

राज्य में मेडिकल कॉलेजों, सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण हेतु 1617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश में ही किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कमला नेहरू अस्पताल शिमला के मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, सिविल अस्पताल सुंदरनगर व नूरपुर, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, सिविल अस्पताल भोरंज के 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा बिलासपुर क्षेत्रीय अस्पताल में जिला एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे।

डॉ. वाई.एस. परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में इम्यूनोहीमैटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग स्थापित करने की स्वीकृति दी गई। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन एवं रखरखाव कार्यक्रम लागू किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग में 40 फार्मेसी अधिकारी, 150 सहायक स्टाफ नर्स, 30 रेडियोग्राफर और 10 फूड सेफ्टी अधिकारी के पद भरे जाएंगे। नूरपुर, बद्दी और ऊना में ड्रग टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी तथा 36 पद सृजित होंगे।

अन्य प्रशासनिक निर्णय

भर्ती निदेशालय में 190 जूनियर इंजीनियर (सिविल) और 151 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पद सृजित किए जाएंगे। राजस्व विभाग में 3 जेओए (आईटी), सैनिक कल्याण विभाग में 5 वेलफेयर ऑर्गेनाइजर, उच्च न्यायालय रजिस्ट्री में 8 सफाई कर्मचारी के पद भरे जाएंगे।

सिरमौर जिले में नाहन, शिलाई, पांवटा साहिब, संगड़ाह, राजगढ़ और सराहां लोक निर्माण मंडलों का पुनर्गठन विधानसभा क्षेत्रों के अनुरूप किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के लिए सड़क जल निकासी नीति तथा गड्ढा भराई एवं पैच मरम्मत हेतु एसओपी को मंजूरी दी गई।

कोटखाई (शिमला) के पशु अस्पताल को उपमंडलीय पशु चिकित्सालय में उन्नत किया जाएगा।

खेल व उच्च शिक्षा

बिलासपुर के लुहणू स्थित खेल छात्रावास की क्षमता 80 से बढ़ाकर 100 बिस्तर की गई। चंबा जिले में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।

चौपाल (शिमला) में वॉलीबॉल बालक खेल छात्रावास, शिलाई (सिरमौर) में कबड्डी बालिका छात्रावास, जुब्बल में ठाकुर राम लाल गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल में बॉक्सिंग (बालिकाएं) तथा बिलासपुर के मोरसिंघी में हैंडबॉल खेल छात्रावास स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

लॉटरी नियमों के लिए उपसमिति

राज्य लॉटरी (विनियमन) नियम, 2026 का मसौदा तैयार करने हेतु ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई है। इसमें टीसीपी मंत्री राजेश धर्माणी सदस्य होंगे तथा निदेशक, कोषागार एवं लेखा सदस्य सचिव होंगे।

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