
हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “सरकार गाँव के द्वार” कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत गड़सा में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने की।
लोगों को संबोधित करते हुए विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि “सरकार गाँव के द्वार” कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश सरकार का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जो मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की दूरदर्शिता एवं आम जनता के प्रति संवेदनशील सोच का परिणाम है।
विधायक ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि *“सरकार गाँव के द्वार” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम जनता को त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह शासन उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त प्रत्येक समस्या को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि पेयजल, सिंचाई, विद्युत, सड़क, राजस्व एवं जनहित से जुड़े सभी मामलों के निपटारे में लेटलतीफी किसी भी प्रकार की बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि शिकायतों का समाधान केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका धरातल पर प्रभाव दिखाई दे।
ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में “सरकार गाँव के द्वार” कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करने की एक निर्णायक पहल है, जिसके माध्यम से सरकार सेवा, संवेदनशीलता और समाधान के संकल्प के साथ जनता के बीच पहुँच रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्यक्रम को औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा के मिशन के रूप में लें और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं व सुविधाओं का लाभ भी मिल रहा है।
उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनियों का शुभारंभ एवं अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनियों के माध्यम से आम जनता को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है, जिससे लोग योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गतिशील एवं दूरदर्शी नेतृत्व में “सरकार गाँव के द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से जनता की समस्याओं का घर-द्वार पर त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त प्रत्येक समस्या का शत-प्रतिशत समाधान किया जाएगा तथा उसके क्रियान्वयन की निरंतर समीक्षा भी की जाएगी। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि जिन नागरिकों की समस्याएँ आज पंजीकृत हुई हैं, वे आवश्यकता पड़ने पर व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क कर सकते हैं, ताकि उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत बंजार विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गड़सा, भलान-1, हुरला, ज्येष्ठा, पारली एवं दियार को शामिल किया गया है। कार्यक्रम के दौरान कुल 62 समस्याएँ पंजीकृत की गईं। इनमें जल शक्ति विभाग से संबंधित 7, लोक निर्माण विभाग से 15, वन विभाग से 2, विद्युत विभाग से 3, राजस्व विभाग से 6, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से 1, पुलिस विभाग से 1, जिला प्रशासन से 5, आरटीओ से संबंधित 2, एनएचपीसी से 5 तथा अन्य विभागों से संबंधित 15 समस्याएँ शामिल रहीं। अधिकतर समस्यायों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया और शेष समस्याओं को संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
इससे पहले एपीएमसी कुल्लू और लाहुल स्पीति के अध्यक्ष मियां राम सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि “सरकार गाँव के द्वार” कार्यक्रम आम जनता को राहत पहुँचाने की दिशा में एक सराहनीय एवं जनहितकारी पहल है। उन्होंने बंजार विधानसभा क्षेत्र में इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुँचा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है और शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
इस अवसर पर उपायुक्त तोरुल एस. रवीश, पुलिस अधीक्षक मदन लाल, अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, उप-मंडलीय दंडाधिकारी निशांत ठाकुर, घनश्याम शर्मा, चंद्रकेश, खेम राज, राजेन्द्र सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कुल्लू से सुशांत शर्मा की रिपोर्ट





