गणतंत्र दिवस परेड में रचा गया इतिहास, भारतीय सेना के जासूस बाज, ऊंट और प्रशिक्षित कुत्तों ने बढ़ाया गौरव

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड के इतिहास में पहली बार भारतीय सेना की शक्ति और विविधता का अनोखा दृश्य देखने को मिलेगा। इस वर्ष की परेड में भारतीय सेना के जासूस बाज़ “अर्जुन” और “कर्ण” सहित सेना के ऊंट, प्रशिक्षित शिकारी पक्षी और सैन्य कुत्ते भी शामिल होंगे।

इस विशिष्ट दल का नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव करेंगी, जो भारतीय सेना की रिमाउंट एवं पशु चिकित्सा कोर (RVC) के पहले बैच की अधिकारी हैं। उनका नेतृत्व न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का भी सशक्त प्रतीक है।

यह दल विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिसमें लद्दाख के दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार ज़ांस्कर टट्टू, चार अत्यधिक प्रशिक्षित शिकारी पक्षी और 10 सैन्य कुत्ते शामिल हैं। इनमें से अधिकांश कुत्ते स्वदेशी नस्ल के हैं और सभी पशु-पक्षी भारतीय सेना के नियमित ‘सैनिक’ माने जाते हैं, जिनकी अलग-अलग परिचालन भूमिकाएँ हैं।

अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और 15,000 फीट से अधिक ऊँचाई वाले दुर्गम इलाकों में भी ये जांबाज़ पशु-पक्षी सेना के साथ कर्तव्य निर्वहन में पूरी तरह सक्षम हैं। गणतंत्र दिवस परेड में उनकी मौजूदगी भारतीय सेना की बहुआयामी ताकत और आत्मनिर्भर भारत की झलक प्रस्तुत करेगी।

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