
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरोे*
15 मई 2023
पति रविंद्र सोहन लाल वर्ष 1999 में मकान की छत से गिर कर चोटिल हो गए। इसके बाद वे चलने- फिरने में पूरी तरह से असमर्थ हो गए और बिस्तर से अकेले नहीं उठ तक पाते थे। उनके उपचार का क्रम कई वर्षो तक चलता रहा। वर्ष 2015 में उनकी मृत्यु के बाद दो बच्चों समेत सास-ससुर की जिम्मेदारी उन पर आन पड़ी। ऐसे में बच्चों को बेहतरीन तालीम दिलवाने और परिवार का भरण पोषण करने के लिए घर की दहलीज लांघ कर काम की तलाश में यहां-वहां भटकना पड़ा।
चंबा निवासी सुमन ने कहा कि इस दौरान कई जगहों पर काम मांगने के लिए भी गई, लेकिन कहीं पर अनुभव न होने से उन्हें हर पल निराशा ही मिली। आखिरकार उन्हें शहर की कुछ महिलाओं ने नगर परिषद चंबा में कार्यरत नर्सी, पूनम और एनयूएलएम की समन्वयक रुचि महाजन से मिलकर किसी योजना के तहत लाभान्वित होने बारे सलाह दी।
आखिरकार उन्होंने नगर परिषद में तैनात महिला कर्मचारियों के साथ संपर्क साधा। इस पर उन्हें स्वयं सहायता समूह बना कर आगे बढ़ने की सलाह मिली। आखिरकार उन्होंने स्वयं सहायता समूह बनाया। बताया कि वर्ष 2006 में उन्होंने ब्यूटीशियन का कोर्स किया था। इसकी मदद से उन्होंने ब्यूटीपार्लर चलाने का निर्णय लिया। नप चंबा की मदद से उन्होंने कार्य आरंभ किया। सर्वप्रथम घर-घर जाकर महिलाओं के रूप सज्जा का कार्य करने लगीं।
मेहनत का परिणाम हमेशा मिलता है। इसी ध्येय के साथ कार्य में जुटी रहने पर धीरे-धीरे काम मिलना बढ़ता गया। बताया कि स्वयं सहायता समूह के बल ही उन्होंने अपने बेटी शिवानी को पढ़ाया-लिखाया। जिसके बाद बेटी ने हिम नवोदय नर्सिंग कॉलेज सुल्तानपुर से नर्स का प्रशिक्षण लिया। वर्तमान में वे गुड़गांव स्थित वेदांता अस्पताल में नौकरी कर रही है। इसके अलावा बेटे आकाश को भी पढ़ाया-लिखाया। वर्तमान में बेटा होटल मैनेजमेंट करने के बाद निजी सेक्टर में नौकरी कर रहा है।
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