
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
18 अप्रैल 2023
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या हो चुकी है। अतीक के पांच बेटों में एक असद का भी एनकाउंटर हो चुका है। वहीं, अतीक के दो बेटे जेल में बंद हैं तो दो नाबालिग बेटे बाल सुधार गृह में हैं। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन भी उमेश पाल हत्याकांड की आरोपी है। शाइस्ता अभी फरार चल रही है।

2019 लोकसभा में अतीक अहमद ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ा था। तब उसे 833 मत मिले थे। उस दौरान वह प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद था। अतीक ने अपने चुनावी हलफनामे में संपत्ति का पूरा ब्योरा दिया था। इसके अनुसार, उसके पास करीब 27 करोड़ 50 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति थी। आठवीं पास अतीक के नाम दो करोड़ 87 लाख से ज्यादा की चल संपत्ति, जबकि 24 करोड़ 99 लाख से ज्यादा की अचल संपत्ति दर्ज थी। अतीक के नाम महंगी गाड़ियां, चार राइफल और पिस्टल दर्ज थीं। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन के नाम 50 लाख रुपये से ज्यादा के गहने हैं। इसके अलावा अतीक के नाम पर प्रयागराज से लेकर दिल्ली और ग्रेटर नोएडा तक प्लॉट, फ्लैट, बंगला और खेती लायक जमीन भी हैं।
यूं तो बेनामी संपत्तियों को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं। हाल ही में ईडी ने अतीक के करीबियों और उसके जानने वाले लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। अब तक जो सामने आंकड़े आए हैं, उसके अनुसार अतीक के पास पांच हजार करोड़ रुपये से भी अधिक की बेनामी संपत्ति है।
साबरमती जेल में रहने के दौरान अतीक अहमद ने एक बिल्डर को धमकी भी दी थी। अब उसका चैट भी वायरल हो रहा है। इसमें अतीक ने बिल्डर से पांच करोड़ रुपये मांगे थे। अतीक ने कहा था कि जो उसके बेटे उमर और असद का हिसाब है वो दे दो। बताया जाता है कि बिल्डर ने अतीक के कहने पर उसके बेटे असद को 80 लाख रुपये भी दिए थे
वहीं, अतीक का बेटा असद अहमद उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी था और 24 फरवरी को हुए हत्याकांड के बाद से पुलिस उसे ढूंढ रही थी। 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने झांसी में असद का एनकाउंटर कर दिया है। असद पर पांच लाख का इनाम घोषित था।
दो लाख के इनामी मोहम्मद उमर पर रंगदारी का आरोप है। पिछले साल अगस्त में उसने सीबीआई के सामने सरेंडर कर दिया था। वहीं, मोहम्मद अली पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। जबकि, दो नाबालिग बेटों को उमेश पाल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया है।
2004 के आम चुनाव में फूलपुर से सपा के टिकट पर अतीक अहमद ने लोकसभा चुनाव जीत और सांसद बन दिल्ली आ गया। इसके बाद इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट खाली हो गई। इस सीट पर हुए उपचुनाव में सपा ने अतीक के छोटे भाई अशरफ को टिकट दिया था। वहीं, बसपा ने उसके सामने राजू पाल को खड़ा किया। उस उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी राजू पाल ने अतीक अहमद के भाई अशरफ को हरा दिया था। इस हार को अशरद ही नहीं बल्कि अतीफ भी पचा नहीं पाया।
उपचुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने राजू पाल की कुछ महीने बाद ही 25 जनवरी, 2005 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में देवी पाल और संदीप यादव की भी मौत हुई थी। दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हत्याकांड में सीधे तौर पर सांसद अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ का कनेक्शन सामने आया था।
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