चार वर्षीय बीएड कोर्स के लिए एचपीयू को हरी झंडी, इसी सत्र से बैठेगा बैच

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को चार वर्षीय बीएड कोर्स को चलाने की अनुमति मिल गई है। नेशनल काउंसिल फाॅर टीचर्स एजूकेशन ने यह मंजूरी दी है। इसके लिए एनसीटीई ने विवि को पत्र जारी कर दिया है। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने आवेदन किया था। इसी सत्र से यह कोर्स शुरू हो सकता है।

कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने अनुमति मिलने पर विवि की आईटीईपी कमेटी और आईटेप विभागाध्यक्ष प्रो. कुलदीप सिंह कटोच और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और विद्यार्थियों के लिए यह मील का पत्थर के पत्थर साबित होगा। पाठ्यक्रम के प्रारंभ होने से विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र में दक्षता प्राप्त होगी। प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा ने आईटीईपी कोर्स की अनुमति मिलने के लिए इस कार्य में लगे शिक्षकों की कड़ी मेहनत का नतीजा बताया।

कोर्स शुरू करने को लेटर ऑफ इंटेंट जारी हो जाने के बाद अब विश्वविद्यालय इस कोर्स को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से बैच बिठाने के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार आईटीईपी चार वर्षीय एकीकृत टीचर्स एजूकेशन प्रोग्राम की ढाई सौ सीटों का बैच बिठाने को आवश्यक ढांचागत और अन्य सुविधाएं पर्याप्त पाई गई हैं। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बीए-बीएड की सौ सीटों, बीएससी-बीएड की सौ और बीकॉम-बीएड की 50 सीटों के बैच को अनुमति मिली है।

विद्यार्थी मिलेंगे या नहीं, इस पर संशय
विश्वविद्यालय को एकीकृत बीएड कोर्स आईटीईपी को चलाने को एनसीटीई से अनुमति जरूर मिल गई है, लेकिन अब विवि को पहले बैच के लिए विद्यार्थी मिल पाएंगे या नहीं। इस पर संशय है। अनुमति मिलने से पूर्व नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से 29 और 30 अप्रैल को नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट करवाया जा चुका है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही आईटीईपी में प्रवेश दिया जाता है। समय से अनुमति न मिलने के कारण एनटीए की सूची एचपीयू के संस्थान का नाम नहीं था। ऐसे में अब प्रदेश के जिन विद्यार्थियों ने एनटीए की यह प्रवेश परीक्षा दी होगी, उनके पास एचपीयू में बैठने वाले पहले बैच में प्रवेश का ऑप्शन रहेगा। विवि कोर्स शुरू करेगा, तो इसके लिए अपने स्तर पर आवेदन आमंत्रित नहीं कर सकता।
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