# जरूरी मिशन पर जा रहा हूं # 10 दिन फोन बंद मिले तो चिंता न करना # जल्द मिशन फतह कर लौटूंगा |

ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन

6 मई 2023

Martyr Pramod Negi: Mother I am going on an important mission, don't worry if the phone is switched off for

हुए हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव के प्रमोद नेगी दो साल से देश की सुरक्षा के लिए स्पेशल फोर्स में तैनात थे। करीब 12:30 बजे के आसपास उनकी शहादत की खबर आई। इसकी जानकारी सेना के अधिकारियों ने परिजनों को दी। शहादत की खबर मिलते ही पूरा गिरिपार इलाका गम में डूब गया। शहीद प्रमोद अपने पीछे माता तारा देवी, पिता देवेंद्र नेगी, छोटा भाई नितेश नेगी और बड़ी बहन मनीषा को छोड़ गए हैं। शहीद के छोटे भाई भी भारतीय सेना में तैनात हैं।

पूरा परिवार गम में डूब गया है। शिलाई पंचायत की प्रधान शीला नेगी ने बताया कि शहीद प्रमोद नेगी करीब 6 वर्ष पूर्व भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वह अभी अविवाहित थे। सिरमौर सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक मेजर दीपक धवन ने बताया कि जवान की शहादत की सूचना मिली है। वह सेना के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। शहीद की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचने में कितना समय लगेगा, अभी फिलहाल साफ नहीं है।

मिशन पर जाने से कुछ घंटे पहले शहीद बेटे प्रमोद नेगी ने फोन पर अपनी माता से बात की थी। प्रमोद ने कहा था- मां…। जरूरी मिशन पर जा रहा हूं। हो सकता है कि 10 दिन मोबाइल बंद रहे, पर चिंता न करना। जल्द मिशन फतह कर लौटूंगा। गुरुवार रात करीब साढ़े 11 बजे पांच से सात मिनट की बातचीत में प्रमोद ने अपने माता-पिता का हालचाल पूछा और पिता से भी कुछ देर बात की। अगले ही दिन साढ़े 12 बजे के आसपास परिजनों को बेटे की शहादत की खबर मिली तो सुध-बुध खो बैठे। माता तारा देवी और पिता देवेंद्र नेगी को विश्वास ही नहीं हुआ कि उनका लाडला अब इस दुनिया में नहीं है, जिसकी आवाज रात को मोबाइल पर कानों में गूंज रही थी।
बेटे की शहादत से माता पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। इसकी सूचना मिलते ही हिमाचल प्रदेश के पूरे शिलाई क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ रिश्ते नातों के लोग ढांढस बंधाने उनके घर शिलाई पहुंच रहे हैं। शहीद के पिता देवेंद्र नेगी बिजली बोर्ड में लाइन मैन के पद पर तैनात हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। देवेंद्र नेगी का छोटा बेटा नितेश नेगी (24) भी भारतीय सेना में तैनात हैं, जबकि दोनों बेटों से बड़ी एक 28 साल की बेटी भी है।
Martyr Pramod Negi: Mother I am going on an important mission, don't worry if the phone is switched off for

अभी किसी की भी शादी नहीं हुई थी। बड़ी बेटी की शादी के बाद ही छोटे बेटे की शादी का नंबर आना था, लेकिन इससे पहले मां भारती का सपूत देश पर कुर्बान हो गया।  प्रमोद नेगी 2017 में 9 पैरा रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। वह दो साल से भारत की सुरक्षा करने वाले स्पेशल फोर्स में तैनात थे। वह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में एक सर्च ऑपरेशन टीम का हिस्सा थे। उन्हें स्पेशल फोर्स में रेड कार्पेट से भी सम्मानित किया गया था।
सिरमौर का वीर सपूत प्रमोद नेगी दिसंबर में घर आया था। बताया जा रहा है कि प्रमोद नेगी ने छह जुलाई को घर लौटना था। घर के किसी शादी समारोह के लिए उनकी छुट्टी भी मंजूर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि शहीद की पार्थिव देह शनिवार शाम तक उनके पैतृक गांव शिलाई पहुंचेगी। शहीद की शहादत से हर आंख नम है। समूचे जिला सिरमौर में शोक की लहर दौड़ गई है।

ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन

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