# जिला परिषद की कुर्सी बनी अखाड़ा, अध्यक्ष ने फिर वापस लिया इस्तीफा |

खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन

6 जुलाई 2023

Bilaspur zila parishad adhyaksh Muskan Withdraw Resignation

जिला परिषद बिलासपुर की अध्यक्ष मुस्कान के खिलाफ तीसरी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। जिला परिषद के 10 सदस्यों ने उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पर चर्चा के लिए 12 जुलाई का दिन निर्धारित किया गया है।

बिलासपुर में जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी वर्तमान में अहम की लड़ाई का अखाड़ा बनकर रह गई है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद बिलासपुर में जिला परिषद की सत्ता परिवर्तन के लिए भी लड़ाई शुरू हो गई थी। उपाध्यक्ष की कुर्सी में तो फेरबदल हुए, लेकिन अध्यक्ष की कुर्सी की लड़ाई तीन माह से खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। धार-टटोह वार्ड से लोगों ने प्रदेश की सबसे युवा सदस्य को चुनकर सत्ता में भेजा, ताकि वे लोगों की समस्याओं को समझे और जनहित के लिए कार्य करे।

निर्दलीय जीतने के बाद मुस्कान ने अध्यक्ष पद पर तैनात होने की शर्त पर भाजपा का दामन थामा था और प्रदेश की सबसे युवा जिला परिषद अध्यक्ष बनी थीं। दो साल के कार्यकाल के बाद मार्च 15 को अन्य सदस्यों ने मुस्कान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की। इससे पहले की जिप सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पारित करते मुस्कान ने इस्तीफा दे दिया। वहीं फिर एक माह का समय पूरा होने से एक दिन पहले अपना इस्तीफा वापस लेकर जिला अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

इसके बाद फिर से दूसरी बार सदस्यों ने जब अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की तो उन्होंने फिर से इस्तीफा दे दिया। अब लगातार दूसरी बार समय अवधि पूरी होने से पहले ही अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। कुर्सी बचाने के लिए लगातार इस्तीफे का दांव खेला जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि युवा जिला अध्यक्ष अपने हित के लिए जनता के हित को दाव पर लगा रही हैं।

जहां जनता की समस्याओं के समाधान का कार्यभार इन पर है, वहीं इनकी प्राथमिकता कुर्सी की लड़ाई हो गई है। भाजपा समर्थित पूर्व उपाध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर ने अविश्वास प्रस्ताव का सामना किया था। मतदान में वह हार गए और अब बतौर जिप सदस्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन जिप अध्यक्ष कुर्सी को बचाने के लिए इस्तीफा-इस्तीफा खेल रही हैं।

जहां लोगों के हितों के लिए आवाज उठनी थी वहां पर सत्ता में बने रहने का खेल हावी हो रहा है। अब एक माह का समय पूरा होने से करीब तीन दिन पहले ही मुस्कान ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, जबकि अन्य सदस्यों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। देखना यह है कि वो अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगी या एक बार फिर इस्तीफे का दाव खेलेंगी।

खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन

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