
बघाट बैंक ने ऋण जमा करवाने के लिए डिफॉल्टरों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने अब वन-टाइम सेटेलमेंट पॉलिसी लागू कर दी है। इस पॉलिसी में डिफॉल्टरों को ब्याज में राहत दी गई है, हालांकि डिफॉल्टरों को मूलधन पूरा चुकना होगा। बीते दिनों बैंक ने ये पॉलिसी तैयार की। इसमें सस्ती दरों पर ऋण जमा करवाने की सुविधा से डिफॉल्टरों को और राहत मिलेगी।
बैंक का एनपीए अब घटकर 129 पर आ गया है। पहले एनपीए 138 था। लगातार एनपीए बढ़ने और अनियमितताओं के सामने आने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बघाट बैंक पर बड़ी कार्रवाई की थी। इसके बाद रिकवरी में सुधार देखने को मिला है। सहायक पंजीयक कार्यालय से भी लोन डिफॉल्टरों को बारी-बारी नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुछ मामलों का निपटारा सहायक पंजीयक कोर्ट में किया गया है। सहायक पंजीयक कार्यालय ने पहले ही वन-टाइम सेटेलमेंट लागू करने की सलाह दी थी। इसके बाद बैंक ने इसे स्वीकृत कर लागू कर दिया है।
बीते दिनों बैंक के चेयरमैन और कार्यकारी प्रबंध निदेशक ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मुलाकात कर रिकवरी की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। हाल ही में स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक से भी बातचीत की गई है। यदि रिकवरी इसी गति से बढ़ती रही तो बैंक आरबीआई को राहत के लिए पत्र लिखने की तैयारी में है।
फिलहाल, खातों की टैपिंग अभी भी जारी है। टैपिंग के बाद लोग 10,000 रुपये से अधिक राशि नहीं निकाल पा रहे हैं। 77,000 खाता धारक इससे परेशान हैं। लोगों का पैसा फंसा हुआ है। अब वे भी आरबीआई से राहत की उम्मीद लगाए हैं। बघाट बैंक के चेयरमैन अरुण शर्मा ने बताया कि बैंक ने वन-टाइम सेटेलमेंट पॉलिसी लागू कर दी है। आने वाले दिनों में डिफॉल्टर कम ब्याज दरों पर अपना ऋण जमा करवा सकेंगे।





