
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
7 जुलाई 2023

बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि तिब्बत के प्रति गलत व्यवहार के बावजूद उन्हें कभी भी चीन के नेतृत्व और नेताओं पर गुस्सा नहीं आता। मैक्लोडगंज स्थित अपने आवास पर गुरुवार को हजारों लोगों के बीच अपना 88वां जन्मदिन मनाते हुए दलाईलामा ने कहा, मैंने बहुत मुश्किल वक्त सहा, लेकिन अपना इरादा और हौसला डगमगाने नहीं दिया। चीन में बौद्ध धर्म का प्रसार हो रहा है। दलाईलामा ने कहा कि मैं 10 से 20 साल तक और जीऊंगा और हमेशा हर धर्म और समुदाय की सेवा करूंगा। दलाईलामा के रूप में मैंने तिब्बत की संस्कृति को बचाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। मैं माओ से तुंग (चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के दिवंगत नेता) से चीन में मिला था।
चीन में हुई अंतिम बैठक में उन्होंने मुझसे कहा था कि आपका दिमाग वैज्ञानिक सोच का है, लेकिन धर्म एक जहर है। उस वक्त मैंने उनकी इस बात पर कोई उत्तर नहीं दिया था। आज अगर वह जिंदा होते तो उनकी सोच अलग होती और मैं उनको बौद्ध धर्म में परिवर्तित करने में सक्षम होता। दलाईलामा ने कहा कि वैश्विक समाज सेनाओं और हथियारों से मुक्त होना चाहिए। वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन अति महत्वपूर्ण ज्वलंत मुद्दा है। दलाईलामा ने कहा कि अपने अच्छे कर्मों की वजह से मैंने तिब्बत में जन्म लिया। मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर में दुनिया भर से आए अनुयायियों ने दलाईलामा का जन्मदिन मनाया। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
भारत और चीन की सेनाओं में पूर्वी लद्दाख में बने गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन की सरकार को कड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने दलाईलामा को उनके जन्मदिन पर वीरवार सुबह करीब 11 बजे फोन करके बधाई और शुभकामनाएं दीं। सूत्रों के अनुसार इस दौरान दोनों की करीब 15 मिनट बात हुई। प्रधानमंत्री ने बातचीत की जानकारी ट्विटर पर भी साझा की। गौरतलब है कि चीन को लेकर भारत सरकार का रुख लगातार बदल रहा है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद दलाईलामा से सार्वजनिक दूरी बनाने वाले प्रधानमंत्री मोदी अब हर वर्ष उन्हें फोन करके बधाई दे रहे हैं। वह अपना बधाई संदेश बाकायदा सोशल मीडिया पर भी डाल कर दुनिया भर में कूटनीतिक संदेश दे रहे हैं। पिछले साल भी प्रधानमंत्री ने दलाईलामा को फोन करके जन्मदिन की बधाई दी थी, जिस पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। अब इस बार चीन क्या प्रतिक्रिया देता है, इस पर अमेरिका और भारत सहित कई देशों की नजर रहेगी।
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