
थाटा (हिमाचल प्रदेश)
ग्राम पंचायत थाटा में मनरेगा श्रमिक संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मनरेगा, स्मार्ट मीटर योजना, खेती पर बढ़ते संकट तथा दूध से जुड़े मसलों पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में विशेष रूप से हिमाचल किसान सभा राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा ने भाग लिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार आम किसान और मजदूर विरोधी नीतियां थोप रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी मांग पर आधारित योजना को बदलकर वीबीजी राम जी लाया जा रहा है, जिसका सीधा उद्देश्य मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करना है।
महेंद्र सिंह राणा ने कहा कि मनरेगा एक मांग आधारित कानून था, जबकि वीबीजी राम जी को सप्लाई आधारित बनाया जा रहा है, जिसमें 40 प्रतिशत जिम्मेदारी राज्य सरकार और 60 प्रतिशत केंद्र सरकार की होगी। पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में यह योजना व्यवहारिक नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार को मनरेगा को यथावत लागू रखना चाहिए।
बैठक में मोदी सरकार द्वारा अमेरिका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ किए जा रहे द्विपक्षीय समझौतों की भी कड़े शब्दों में निंदा की गई। वक्ताओं ने कहा कि इन समझौतों से सेब, नाशपाती, कीवी सहित अन्य फल उत्पादन पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा, क्योंकि कम टैरिफ पर विदेशी उत्पादों की आमद बढ़ेगी। इसे भारत की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया गया।
इसके साथ ही हिमाचल सरकार से स्मार्ट मीटर योजना को तुरंत रद्द करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह योजना आम लोगों की जेब पर डाका डालकर बड़े कॉरपोरेट्स को लाभ पहुंचाने का जरिया है।
बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें इंदर सिंह को प्रधान और ओम प्रकाश को सचिव चुना गया। इंदर सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात में जनता को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी और इसके लिए मनरेगा श्रमिक संगठन को और मजबूत करना जरूरी है।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 फरवरी को ग्राम पंचायत थाटा से अधिक से अधिक मनरेगा कामगार अखिल भारतीय हड़ताल में शामिल होकर बाली चौकी रैली को सफल बनाएंगे।





