दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में तैयार होने वाला मालाबार नीम अब हिमाचल में भी होगा तैयार

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

1 मार्च 2023

दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में तैयार होने वाला मालाबार नीम अब हिमाचल में भी तैयार होगा। जिला मंडी के पांगणा निवासी युवा शोधार्थी ने इसकी पौध तैयार करने में कामयाबी पाई है। प्रारंभिक तौर पर इसे पांगणा के आसपास बंजर भूमि में लगाया जाएगा। नीम का प्रयोग दवाइयों में होता है। इसकी महंगी लकड़ी की मांग काफी है और इसके मुंहमांगे दाम मिलते हैं।

वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में शोध कर रहे पांगणा के विपुल शर्मा ने बताया कि हिमाचल में यह पहली बार तैयार होगा। हालांकि, भारत में यह खासकर सिक्किम हिमालय, उत्तरी बंगाल, असम, खासी पहाड़ियों, ओडिशा के पहाड़ी क्षेत्रों, डेक्कन पठार और पश्चिमी घाटों में 600 से 800 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। इसे भारत के अधिकांश हिस्सों में सफलतापूर्वक लगाया जा सकता है।नीम की इस प्रजाति के पौधे 800 मिमी और उससे अधिक की वार्षिक वर्षा वाली रेतीली दोमट, लाल और लेटेराइट मिट्टी में अच्छी तरह विकसित होते हैं। तापमान न्यूनतम 0-15 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 30-43 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है। यह सामान्य रूप से 1000 मिमी की भारी वर्षा और 50-90 प्रतिशत की सापेक्ष आर्द्रता वाले क्षेत्रों में पाया जाता है। यह सुंदर पर्णसमूह की विस्तृत फैलती शाखाओं के साथ 25 मीटर लंबा होता है। इसकी छाल गहरे भूरे रंग की होती है। दिसंबर-जनवरी में पत्तियां झड़ जाती हैं। फरवरी-मार्च में नई पत्तियां फूलों के साथ आ जाती हैं। फल अक्तूबर-फरवरी में पकते हैं।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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