देश के विकास और अनुसंधान के लिए टैक्सेशन जरूरी : निर्मला सीतारमण

#खबर अभी अभी भोपाल ब्यूरो*

13 अगस्त 2024

MP News: CM inaugurated the 11th convocation of Indian Institute of Science Education and Research, Bhopal

सीएम डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को भोपाल में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) परिसर में शैक्षणिक भवन और व्याख्यान कक्ष का शिलान्यास किया। इसके अलावा दोनों ने संस्थान के 11वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया। इस दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई और उनकी उपलब्धियों पर सम्मानित किया

इस अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए देश की वर्तमान कर प्रणाली को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि देश को विभिन्न चुनौतियों से निपटने और अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों के लिए संसाधनों की आवश्यकता है। सीतारमण ने छात्रों से नवीकरणीय ऊर्जा के भंडारण पर अधिक शोध करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि दुनिया ने जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ऊर्जा में बदलाव के लिए काफी पैसा देने का वादा किया है। लेकिन वह पैसा अभी तक नहीं आया है। उन्होंने कहा, लेकिन भारत ने इंतजार नहीं किया। पेरिस समझौते में जो वादे किए गए थे, उन्हें हमने अपने संसाधनों से पूरा किया। उन्होंने कहा कि बतौर वित्त मंत्री मैं कहना चाहती हूं कि किसी व्यक्ति से टैक्स न लिया जाए, लेकिन देश की तरक्की के लिए यह जरूरी है। कई बार लोगों के सवाल होते हैं कि हमारे कर ऐसे क्यों हैं? हम इसे और कम क्यों नहीं कर सकते? उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि इसे शून्य तक ला सकूं, लेकिन भारत की चुनौतियां गंभीर हैं और इन्हें दूर करना होगा।

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने वैज्ञानिक अनुसंधान में भारी निवेश किया है। उन्होंने कहा, मैं यहां उपस्थित स्नातक, पीएचडी धारकों से आग्रह करती हूं कि वे भारत की चुनौतियों को समझें। सीतारमण ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के छात्रों से नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत अपनी ताकत के बल पर जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। क्योंकि देश कहीं और से पैसा आने का इंतजार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, सरकार सिर्फ बातें नहीं कर रही है। वह अनुसंधान एवं विकास में पैसा लगा रही है। यह पैसा कराधान से आता है। यह मेरा काम है, इसलिए मैं आपको यह बता रही हूं। मेरा काम राजस्व एकत्रित करना है, लेकिन लोगों को परेशानी में डालने के बिना, मैं आपको यह आश्वासन देती हूं। लेकिन, पैसा भी चाहिए क्योंकि हमें अनुसंधान को भी वित्त पोषित करना है।

सीतारमण ने कहा कि बनारस से लेकर केरला तक इंडियन ट्रेडिशन है, दक्षिण भारत में अच्छी यूनिवर्सिटी हैं। आईआईएसईआर ने तीन हजार पेपर पब्लिश किए हैं, देश भर में रैकिंग भी अच्छी है। यहां के छात्रों की मेहनत से आठ से नौ पेटेंट रिसर्च हैं। उन्होनें कि हमें नई तकनीक के साथ रिसर्च करने की जरूरत है। डेटा साइंस के क्षेत्र में ज्यादा रिसर्च करने की जरूरत है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, भोपाल के लोकसभा सांसद आलोक शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

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