#देश में आज से लागू हुए 3 नए आपराधिक कानूनों में जानिए क्या है खास

#खबर अभी अभी दिल्ली ब्यूरो*

1 जुलाई 2024

भारत में आपराधिक न्याय प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव के तहत आज सोमवार पहली जुलाई, 2024 से नए आपराधिक कानून लागू होंगे। ये नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के नाम से जाने जाएंगे। नए कानून 1860 के भारतीय दंड संहिता (इंडियन पीनल कोड) 1973 के आपराधिक प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम (इंडियन एविडेंस एक्ट) की जगह लेंगे। नए कानूनों में महत्त्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और समयानुकूल बनाया जा सके। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित न्यायिक सेवा कोचिंग संस्थान प्लस लॉ अकादमी के निदेशक और विधि विशेषज्ञ अरुण भार्गव ने कानून पर विस्तार से जानकारी सांझा की है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदल दिया है, जिससे साक्ष्य कानून की संरचना में परिवर्तन आया है। इस नए कानून में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मान्यता दी गई है, जो किसी भी डिवाइस या सिस्टम द्वारा उत्पादित या प्रसारित जानकारी हो सकती है, जो डाटा को संग्रहीत या पुनर्प्राप्त कर सकती है। धारा 57 के तहत इलेक्ट्रॉनिक रिकार्ड को प्राथमिक साक्ष्य के रूप में मान्यता दी गई है। अधिनियम में प्रावधान शामिल हैं, जो मौखिक साक्ष्य की इलेक्ट्रॉनिक प्रस्तुति को सक्षम बनाते हैं। यह उन्नति गवाहों को दूरस्थ रूप से गवाही देने की अनुमति देती है, जिससे डिजिटल रिकार्ड को पारंपरिक कागजी दस्तावेजों के समान महत्त्व मिलता है। धारा 24 के तहत संयुक्त ट्रायल की अवधारणा का विस्तार किया है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 2023 की भारतीय न्याय संहिता का उद्देश्य आपराधिक कानून को पुनर्परिभाषित और पुनर्निर्देशित करना है।

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