देहरा विधायक कमलेश ठाकुर की सदन में पहली गूंज, 2026-27 बजट को बताया ‘हर वर्ग का बजट’

देहरा की लोकप्रिय विधायक कमलेश ठाकुर की आवाज बुधवार को हिमाचल विधानसभा में पहली बार गूंजी। उन्होंने बजट चर्चा में भाग लेते हुए वर्ष 2026-27 के बजट को संतुलित, समावेशी और आम आदमी से जुड़ा बताया।

करीब 18 मिनट 33 सेकेंड के अपने पहले भाषण में विधायक ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बेरोजगार युवाओं को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया है। उन्होंने नवरात्रि के शुभ अवसर का उल्लेख करते हुए सदन में अपनी बात रखने को विशेष बताया।

कमलेश ठाकुर, जो सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी भी हैं, ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का समर्थन करते हुए कहा कि इससे घरेलू महिलाओं, पशुपालकों, किसानों और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने हल्के अंदाज में केंद्र की योजनाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आज “तीन बहनें वेंटिलेटर पर हैं”— एलपीजी, मनरेगा और आरडीजी। गैस आपूर्ति की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि हॉलिडे होम और यहां तक कि विधानसभा में भी चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ रही है।

शिक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है और CBSE स्कूलों के संदर्भ में राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए सुधार जरूरी हैं। देहरा विधानसभा क्षेत्र में विद्यार्थियों की कमी के चलते कॉलेज बंद होने की स्थिति पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की।

विधायक ने किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी योजनाओं और अनाथ बच्चों के संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “बजट बुक भारी इसलिए है क्योंकि इसमें तथ्य हैं, जैसे गीता केवल किताब नहीं बल्कि उसका सार महत्वपूर्ण होता है।”

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने उनकी पहली स्पीच की सराहना करते हुए बधाई दी। वहीं भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनीतिक परिवार से आने का अनुभव सार्वजनिक जीवन में सहायक होता है।

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