धर्मशाला में पर्यटन के लिए गगल बाजार समेत 13 गांवों को न उजाड़ें

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

22 जुलाई 2023

जिला परिषद हाल धर्मशाला में शुक्रवार को गगल हवाई अड़्डे के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ जिला प्रशासन की बैठक में खूब हंगामा हुआ इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि धर्मशाला में कार पार्किंग के लिए जगह है नहीं और बात पर्यटन को बढ़ाने की हो रही है। हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को पर्यटन से जोड़ा जा रहा है और धर्मशाला में पर्यटन के विकास की बात कही जा रही है। ऐसे में क्या धर्मशाला में ही पर्यटन है। धर्मशाला में 250 होटल हैं और इनके पर्यटन के लिए गगल सहित 13 गांवों की 5,500 आबादी को उजाड़ा जा रहा है, जो उचित नहीं है।

उन्होंने जिला प्रशासन से पहले ब्लू प्रिंट और रोड मैप क्लीयर करने की बात कही गई, उसके बाद विस्थापित करने की प्रक्रिया के बारे में बात की जाए। बैठक में एयरपोर्ट संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीश मोना ने कहा कि गरीबों, किसानों और मजदूरों के पंख काटकर, सरकार पर्यटन को पंख लगाना चाहती है, जो कि उचित नहीं है। एयरपोर्ट का विस्तार घाटे का सौदा है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण की बात तो कही जा रही है, लेकिन अभी तक विस्तार को लेकर टेक्निकल अप्रूवल ही नहीं मिली है। यहां से जो लोग विस्थापित होंगे, वे बेरोजगार होकर नशा माफिया बनेंगे, जिसका असर पूरे समाज पर पड़ेगा। बैठक में कहा गया कि सरकार गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए लोगों को मुआवजा देगी, उतने में तो नई जगह बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा। जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एडीएम रोहित राठौर, जिला परिषद चेयरमैन रमेश बराड़ और जिला राजस्व अधिकारी के अलावा विभिन्न पंचायतों के प्रधान और अन्य जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।

पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना था कि पहले सरकार पुनर्वास सुनिश्चित करे, फिर एयरपोर्ट का विस्तार शुरू करे। कई पंचायत प्रतिनिधियों का कहना था कि उनकी पंचायतों को एक ही जगह बसाने की व्यवस्था की जाए। बैठक में चर्चा के दौरान वक्ताओं का कहना था कि एयरपोर्ट का विस्तार नहीं होना चाहिए, यदि होता भी है तो अधिग्रहित भूमि के मुकाबले 10 गुना भूमि दी जाए। इसके अलावा मुआवजा देने के लिए भी एक समान दर रखी जाए।

लोग यहां पर साइटें निहारने आते हैं, न कि विमान की सैर करने। मौजूदा समय में गगल में नौ के करीब फ्लाइटें आती-जाती हैं। हर फ्लाइट में 35-40 से ज्यादा यात्री नहीं होते हैं, जबकि कुछ फ्लाइटों में यात्रियों की संख्या इससे भी कम होती है। लोगों को विमान की नहीं, बल्कि अच्छी सड़कों की जरूरत है। अगर पर्यटन को ही बढ़ावा देना है तो सरकार सड़कों की हालत में सुधार करे, न कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के नाम पर लोगों को उजाड़ दें।

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