
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों के चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से संशोधित और नए मानदंड अधिसूचित कर दिए हैं। इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक राघव शर्मा द्वारा सभी जिला उपायुक्तों को एक महत्त्वपूर्ण पत्र जारी किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि बीपीएल परिवारों के चयन का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। संशोधित मानदंडों के अनुसार अब द्वितीय-चरण में चिन्हित किए गए परिवारों की पूरी जानकारी विभाग को भेजी जानी है।
इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप के अनुसार विवरण तैयार करना होगा, जिसे हार्ड कॉपी के साथ-साथ एक्सेल शीट (सॉफ्ट कॉपी) में भी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि भेजी जाने वाली जानकारी पूरी तरह सत्यापित हो और उनके स्वयं के हस्ताक्षर से प्रमाणित हो। यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक बार भेजे गए आंकड़ों में बाद में किसी भी स्तर पर बदलाव नहीं किया जाएगा, इसलिए पहले ही सभी तथ्यों की गहन जांच सुनिश्चित की जाए।
तय मानदंडों के अनुसार तैयार किया जाए डाटा
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संपूर्ण डाटा सरकार द्वारा 12 जनवरी को जारी अधिसूचना में वर्णित संशोधित मानदंडों के अनुसार ही तैयार किया जाए। सतीसरे चरण के सर्वे के लिए अलग से प्रारूप जारी किया जाएगा, जिसकी सूचना बाद में सभी जिलों को दी जाएगी। इसके अलावा दूसरे चरण में अधिसूचित बीपीएल परिवारों से संबंधित अधिसूचना की एक प्रमाणित प्रति भी ग्रामीण विकास विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश सभी जिला ग्रामीण विकास अधिकारियों और प्रदेश के सभी खंड विकास अधिकारियों को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है, ताकि बीपीएल सूची को नए मानदंडों के अनुसार समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से तैयार किया जा सके





