
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
17 जुलाई 2023

हिमाचल प्रदेश में भारी भारिश और बाढ़ से नुकसान का जायजा के लिए मंगलवार को केंद्रीय टीमें चंडीगढ़ पहुंचेंगी। उसके बाद यह टीमें हिमाचल पहुंचकर जिलों में नुकसान का आकलन करेंगी। एक टीम मंडी, कुल्लू और मनाली, जबकि दूसरी टीम सोलन, शिमला और किन्नौर का दौरा करेंगी। चार से पांच दिन तक यह टीमें शिमला में रहेंगी। प्रदेश सरकार की ओर से टीम में शामिल अधिकारियों को नुकसान की जानकारी दी जाएगी। प्रदेश में अब तक 4,500 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन हुआ है। जिलों से नुकसान की रिपोर्ट सरकार को पहुंच रही है। नुकसान इससे ज्यादा होने की संभावना है। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा ने कहा कि इस बार सामान्य से 15 गुणा ज्यादा बारिश हुई है, जबकि लाहौल स्पीति में यह तीस गुना अधिक है।
24 जून को मानसून ने हिमाचल में दस्तक दी है। तब से लेकर अब तक हिमाचल में 117 लोगों की मौत हुई है। 121 लोग घायल हैं। प्रदेश में 500 कच्चे व पक्के मकान ढह गए जबकि चार हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। 1335 दुकानें नष्ट व क्षतिग्रस्त हुई हैं। एक हजार के करीब गोशालाएं ढही हैं। 935 पशुओं की आपदा में मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि पर्यटक स्थलों में फंसे लोगों को निकाल लिया गया है। पंडोह बाजार, कसोल, नगवाईं, मनाली, चंद्रताल, लोसर और सांगला में फंसे सैलानियों और स्थानीय लोगों को पुलिस, होमगार्ड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित निकाला गया। भारी बारिश के दौरान 65 से 70 हजार पर्यटक हिमाचल में थे। इन्हें सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचा गिया गया है। कुछेक लोग अपनी इच्छा से रुके हैं।
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