

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
18 नवंबर 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खात्मे तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद का दीर्घकालिक प्रभाव गरीब और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर अधिक पड़ता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खौफनाक चहेरे का हमारे देश ने बहुत पहले सामना किया, उस समय दुनिया ने इसको गंभीरता से नहीं लिया था। दिल्ली में शुक्रवार को आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण पर आयोजित ‘आतंक के लिए कोई धन नहीं’ (नो मनी फॉर टेरर) (no money for terror) मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में उद्घाटन भाषण पीएम मोदी ने कहा कि सभी आतंकवादी हमलों के खिलाफ समान आक्रोश व कार्रवाई होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ देश अपनी विदेश नीति के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि एक समान, एकीकृत, शून्य-सहनशीलता का दृष्टिकोण ही आतंकवाद को हरा सकता है। PMO ने कहा कि 18-19 नवंबर को आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन भाग लेने वाले देशों और संगठनों को आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण पर मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय शासन की प्रभाव क्षमता के साथ-साथ उभरती चुनौतियों के समाधान व आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करेगा।
बता दें कि यह तीसरा मंत्री स्तरीय सम्मेलन है। इससे पहले यह सम्मेलन अप्रैल 2018 में पेरिस में और नवंबर 2019 में मेलबर्न में आयोजित किया गया था। सम्मेलन में दुनिया भर के लगभग 450 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनमें मंत्री, बहुपक्षीय संगठनों के प्रमुख और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख शामिल हैं। सम्मेलन के दौरान चार सत्रों में विचार-विमर्श किया जाएगा, जो ‘आतंकवाद और आतंकवादी वित्तपोषण में वैश्विक रुझान’, ‘आतंकवाद के लिए धन के औपचारिक और अनौपचारिक चैनलों का उपयोग’, ‘उभरती प्रौद्योगिकियां और आतंकवादी वित्तपोषण’ और ‘आतंकवादी वित्तपोषण का मुकाबला करने में चुनौतियों के समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग’ पर केंद्रित होंगे।





