#प्रसूता को सरकार की आर्थिक सहायता देने के नाम पर बैंक खाते से उड़ाए 32,300 रुपय*

Frauding with anganbari worker

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

14 नवंबर 2022

बिलासपुर। उपमंडल स्वारघाट के तहत ग्राम पंचायत मंझेड़ में शातिरों ने स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बन एक व्यक्ति के बैंक खाते से उसकी प्रसूता पत्नी को सरकार की आर्थिक सहायता देने के नाम पर 32,300 रुपये उड़ा लिए। वहीं, शातिरों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नौकरी से निकालने की धमकी देकर उससे प्रसूता और धात्री महिलाओं का रिकार्ड भी ले लिया। पीड़ित व्यक्ति ने मामले की शिकायत स्वारघाट थाना में दर्ज करवाई है।

पुलिस को दी शिकायत में पवन कुमार, निवासी गांव थापना, डाकघर कुटैहला, तहसील श्री नयनादेवी जी, जिला बिलासपुर ने बताया है कि उसकी पत्नी को एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह स्वास्थ्य विभाग से बोल रहा है। आपको बच्चा हुआ है और सरकार की तरफ से 14,000 हजार रुपये की राशि आपके खाते में ट्रांसफर की जाएगी, जिसके लिए आपको अपना गूगल पे नंबर देना होगा लेकिन उसकी पत्नी ने उनको बताया कि उसका गूगल पे खाता नहीं है। इसके बाद बाद ठगों ने उसे (पवन कुमार) फोन किया और यह विश्वास दिलाने के लिए कि वे सच में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी है। ये लोग कांफ्रेंस कॉल के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भी जोड़ते हैं और बात करवाते है। इसके बाद उसने उन्हें गूगल पे नंबर दे दिया। शातिर उसे गूगल पे पर एक लिंक भेजा और उसे ओपन करने को कहा, जिसके बाद उसके बैंक से सारे पैसे जो कि 32,300 रुपये थे उड़ा लिया है। पवन कुमार के अनुसार इसके बाद उनके नंबर भी बंद हो जाते हैं। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को फोन करता है तो वह बताती है कि उसे भी बार-बार फोन आ रहा था कि वह स्वास्थ्य विभाग से अधिकारी बोल रहे है और हमे ऐसी महिलाओं का रिकॉर्ड चाहिए नहीं तो ड्यूटी में कोताही बरतने पर भी नौकरी से निकाल दिया जाएगा और वह वैसा ही करती है जैसा शातिर बोलते जाते है। डीएसपी श्री नयनादेवी जी शेर सिंह ने बताया कि छानबीन की जा रही है।

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