
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
2 जुलाई 2023
हिमाचल प्रदेश में बीते तीन सालों से लंबित 4,000 प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने हिमाचल सरकार को एक नया विकल्प दिया है। एनसीटीई ने सरकार को सुझाव दिया है कि वह पात्रता पूरी करवाने के लिए खुद दो साल की नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करा सकती है। एनसीटीई दिल्ली इस प्रशिक्षण को करवाने की मंजूरी देने को तैयार हो गया है। हिमाचल सरकार से इस बाबत प्रस्ताव मांगा गया है। एनसीटीई ने एक साल के कोर्स को मंजूरी देने से साफ इंकार कर दिया है। आंगनबाड़ी वर्करों के लिए छह माह का कोई ब्रिज कोर्स करवाने का पाठ्यक्रम नहीं होने का हवाला भी दिया है। एनसीटीई के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों से बाहर जाकर किसी भी भर्ती को वो मंजूरी नहीं दे सकते। नियम किसी एक राज्य के लिए नहीं बनाए जाते। पूरे देश के लिए एक समान भर्ती नियम अधिसूचित किए गए हैं।
प्रदेश में बीते तीन वर्षों से लंबित 4,000 प्री प्राइमर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया सिरे चढ़ाने दिल्ली गए समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने शुक्रवार और शनिवार को एनसीटीई के कई अधिकारियों से मुलाकात की। एनसीटीई के अधिकारियों ने कहा कि हिमाचल सरकार चाहे तो जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्रों (डाइट) में दो वर्ष का नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करवा सकती है। इसके लिए मंजूरी दे दी जाएगी। दो वर्ष से कम अवधि के किसी भी कोर्स को भर्ती के लिए मान्य नहीं किया जाएगा। एनसीटीई ने प्रदेश सरकार से इस ट्रेनिंग को करवाने के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए कहा था। परियोजना निदेशक राजेश शर्मा अब शिमला लौटकर अपने दौरे की शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को प्रस्तुति देंगे। दिल्ली जाने से पूर्व परियोजना निदेशक चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के भर्ती मॉडल को भी स्टडी कर चुके हैं। पंजाब सरकार ने किस प्रकार से प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती की है, कौन से भर्ती एवं पदोन्नति नियम अपनाए गए हैं। इस बारे में सारे तथ्य पंजाब के शिक्षा विभाग से जुटाए गए हैं। अब विस्तृत रिपोर्ट बनाकर हिमाचल सरकार को सौंपी जाएगी।
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