
#खबर अभी अभी कांगड़ा ब्यूरो*
13 फरवरी 2023
कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र फतेहपुर में करीब 50 हजार की आबादी की सेहत संभाल रहे फतेहपुर अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद भी कई सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। 2017 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसे स्तरोन्नत 50 बिस्तर के सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया था। मगर स्टाफ की कमी और अन्य कारणों से अभी तक यहां 50 बिस्तर की सुविधा नहीं मिल रही है।
सिविल अस्पताल बनने के करीब छह साल बाद भी फतेहपुर अस्पताल को स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं मिला है। इसके चलते गर्भवती महिलाओं से लेकर महिला रोगों के उपचार के लिए मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने के कारण और नूरपुर और टांडा दूर होने के कारण गर्भवती महिलाएं निजी अस्पतालों में उपचार करवाने को मजबूर होती हैं।
इसके अलावा यहां एमडी मेडिसिन का पद भी खाली चल रहा है। अस्पताल में कुल सात डाक्टरों में से दो पद खाली चल रहे हैं। वहीं, आठ स्टाफ नर्सों में से दो पद खाली हैं। इसके अलावा रेडियोग्राफर का पद भी अस्पताल में लंबे समय से खाली चल रहा है। इसके चलते एक्सरे मशीन धूल फांक रही है। डेपुटेशन पर नूरपुर से आए रेडियोलॉजिस्ट सप्ताह में मात्र दो ही दिन मंगलवार और वीरवार को एक्सरे करते हैं। हफ्ते के बाकी दिनों में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सभी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए प्रयासरत : भवानी
स्थानीय विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि सारा विषय उनके ध्यान में है। वे अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं।
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