#फोरलेन में केंद्र सरकार की अनुमति के बिना अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट में बदलाव, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट कर ली गई तैयार *

फोरलेन अलाइनमेंट में बदलाव के लिए वन विभाग के 13 और तत्कालीन परियोजना निदेशक समेत एनएचएआई के दो अधिकारी जिम्मेदार हैं।

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#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

 21 नवंबर 2022

किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में केंद्र सरकार की अनुमति के बिना अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट में बदलाव की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर अनिल कुमार ने नोडल अधिकारी शिमला को यह रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फोरलेन अलाइनमेंट में बदलाव के लिए वन विभाग के 13 और तत्कालीन परियोजना निदेशक समेत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दो अधिकारी जिम्मेदार हैं। इन्हीं अधिकारियों की मौजूदगी में बदलाव किया गया था।

बड़ी बात यह है कि यह छोटा सा बदलाव नहीं था, बल्कि इसमें करीब 28.36 हेक्टेयर भूमि पर 10 किलोमीटर फोरलेन रूट को बदल दिया गया था। रूट बदलने के कारण क्या थे, यह जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा। उल्लेखनीय है कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने साल 2018 में इसकी शिकायत पर्यावरण मंत्रालय से की थी। जून 2020 में मंत्रालय ने अनियमितता पाए जाने के बाद पूरी परियोजना का निर्माण बंद करने के आदेश जारी किए थे।

लेकिन बाद में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के कारण मंत्रालय ने परियोजना का निर्माण शुरू करने के लिए सशर्त मंजूरी दी थी। शर्त थी कि फोरलेन अलाइनमेंट बदलाव में जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी रिपोर्ट मंत्रालय को दी जाए। प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन शिमला अजय कुमार श्रीवास्तव ने प्रधान सचिव वन को लिखे पत्र में कहा है कि अप्रूव्ड रोड अलाइनमेंट बदलाव में राजस्व विभाग के अधिकारियों की भी सूची दी जाए। उसके बाद सभी अधिकारियों पर कार्रवाई संभव होगी।

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