
सहायक पंजीयक की अदालत में बघाट बैंक के लोन डिफाल्टरों पर दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही। दूसरे दिन 39 डिफाल्टरों के 22 केस लगे। इनमें 15 डिफाल्टर सुनवाई के लिए पहुंचे। अदालत ने सुनवाई के दौरान दो डिफाल्टरों की संपत्ति को अटैच कर दिया और बैंक को नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के लिए आदेश दिए। इसके अलावा दो अन्य डिफाल्टरों की संपत्ति कुर्क करने के लिए मंडलायुक्त शिमला को फाइल भेजी गई। अनुमति मिलने के बाद इनकी संपत्ति की कुर्क कर दी जाएगी। साथ ही एक डिफाल्टर ने मौके पर ही 50 हजार रुपये का चेक जमा करवाकर अपनी गिरफ्तारी बचा ली।
वहीं ज्यादातर डिफाल्टरों ने मौके पर एकमुश्त भुगतान के लिए भी हामी भरी। उन्होंने कहा कि वह एक से दो माह में इसकी सेटलमेंट कर देंगे। बुधवार को अदालत में सबसे बड़ा दो करोड़ रुपये के ऋण का डिफाल्टर भी पहुंचा था। इसकी संपत्ति अटैच करने के लिए बैंक को आदेश दिए गए। इसके अलावा गारंटरों की संपत्ति की जांच के लिए भी बैंक को आदेश जारी किए गए। इसमें अब बड़े डिफाल्टरों के साथ गारंटरों की संपत्तियां भी अटैच करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, यदि वह जल्द ही सेटलमेंट कर देते हैं तो गारंटरों की संपत्तियां नीलाम होने से बच सकती हैं। अभी तक दो दिनों की कार्रवाई में 25 के करीब डिफाल्टरों की संपत्तियां जब्त कर दी गई हैं। जबकि 3.30 लाख रुपये अदालत में डिफाल्टरों ने जमा करवाए हैं। साथ ही कुछ सरकारी कर्मचारियों की सैलरी भी अटैच की गई हैं। दूसरे दिन पहुंचे कई गारंटरों ने आरोप लगाए कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनसे लोन के लिए साइन करवाए जा रहे हैं। कुछ ने कहा कि उन्हें लोन की राशि कम बताई गई थी, जबकि अब उन्हें असल राशि का पता चला है।
आज अंतिम सुनवाई, 50 डिफाल्टरों को समन
मामले में वीरवार को अंतिम दिन सुनवाई होगी। जिसमें 50 के करीब डिफाल्टरों व गारंटरों को समन जारी किए गए हैं। तीन दिन बाद अदालत डिफाल्टरों पर कार्रवाई शुरू करेगी। उधर, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन गिरीश नड्डा ने बताया कि बुधवार को 22 केस लगाए गए थे। 15 लोग पहुंचे। बैंक को आदेश दिए गए हैं कि वह सभी गारंटरों की संपत्तियों का ब्योरा भी दें, जिससे उन पर भी कार्रवाई की जा सके।





