बड़े नेताओं पर टिप्पणी से नहीं, काम से बनती है पहचान — विक्रमादित्य ब्यान के हीरो काम में जीरो : राकेश जम्बाल*

मंडी : भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्बाल ने सुक्खू सरकार और उसके मंत्रियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब जब सरकार के साढ़े तीन साल बीत चुके हैं, तब मंत्री जनता के द्वार जाकर कार्यक्रम करने का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निहरी (सुंदरनगर) में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि सरकार अब जनता के गुस्से से घबराकर दिखावटी संवाद कर रही है। जिस सरकार में अपने ही कैबिनेट मंत्रियों की सुनवाई नहीं हो रही, जहां उनकी फाइलें महीनों लटकी रहती हैं, वह सरकार जनता की समस्याओं का समाधान क्या करेगी।
राकेश ने कहा कि खुद कांग्रेस के बड़े नेता स्वीकार कर चुके हैं कि 3-3 महीने तक फाइलें अटकी रहती हैं। ऐसे में यह सरकार विकास की बात करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल में विकास तो मानो रूठ ही गया है, लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू को सिर्फ अपने मित्रों के विकास की चिंता है। हर जनसभा में बड़े-बड़े शब्दों—आत्मनिर्भरता, समृद्धि और व्यवस्था परिवर्तन—का ढोल पीटा जाता है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि प्रदेश आर्थिक बदहाली और अव्यवस्था से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का रोज का रोना—“हमारे पास पैसे नहीं हैं”—अब जनता समझ चुकी है। चुनाव से पहले जो बड़े-बड़े सपने और गारंटियां दी गई थीं, आज उनका दिवाला निकल चुका है। भाजपा सरकार की जनहितकारी योजनाओं को या तो बंद कर दिया गया या उन्हें झूठे प्रचार में फंसा कर कमजोर कर दिया गया। हिमकेयर जैसी महत्वाकांक्षी योजना, जिसने गरीबों को इलाज के लिए अपनी जमीन और गहने बेचने से बचाया, उसे भी शर्तों में उलझाकर लगभग खत्म कर दिया गया है।
राकेश जम्बाल ने कहा कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली बंद कर दी गई, सहारा योजना के तहत पेंशन नहीं मिल रही, महिलाओं को 1500 रुपये देने का वादा हवा हो गया। सरकार ने हर वर्ग को ठगा है और अब दूसरे प्रदेशों में जाकर झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिमाचल की छवि को भी धूमिल कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता इन पापों को कभी नहीं भूलेगी और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।
जयराम ठाकुर पर की गई टिप्पणी और प्रधानमंत्री पर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए राकेश जमवाल ने कहा कि “मोदी भी कांग्रेस सरकार को खत्म नहीं कर पाए तो जयराम ठाकुर क्या करेंगे” जैसे बयान कांग्रेस नेताओं के अहंकार और राजनीतिक अपरिपक्वता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ने अपने कार्यकाल में हिमाचल को स्थिरता और विकास की दिशा दी, जिसकी सराहना आज भी प्रदेश की जनता करती है।
जम्बाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नेता बयानबाज़ी से नहीं, काम से बड़ा बनता है। विक्रमादित्य सिंह बड़े नेताओं पर टिप्पणी करके खुद को बड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में अपनी पहचान बनानी है तो पहले अपने विभाग का हिसाब दें—प्रदेश में सड़कों की क्या हालत है, कितने प्रोजेक्ट समय पर पूरे हुए, और कितनी घोषणाएं केवल कागज़ों में ही सीमित रह गईं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और जयराम ठाकुर जैसे वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी करने से कोई बड़ा नहीं बन जाता, बल्कि इससे कांग्रेस नेताओं की हताशा और विफलता ही उजागर होती है। अगर काम किया होता तो आज उन्हें इस तरह की बयानबाज़ी का सहारा नहीं लेना पड़ता।
लोक निर्माण मंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे पहले अपने विभाग का हिसाब दें—आज तक कितनी सड़कों की हालत सुधारी गई? अगर केंद्र सरकार का सहयोग और बजट न मिले तो प्रदेश की सड़कें पूरी तरह बदहाल हो जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री सोशल मीडिया और फेसबुक पर केवल अपनी झूठी उपलब्धियां गिनाने में व्यस्त हैं, जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और ही है।
अंत में राकेश जम्बाल ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठकर प्रधानमंत्री जैसे गरिमामयी पद के खिलाफ ओछी टिप्पणियां करना कांग्रेस नेताओं की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि “जनता के द्वार” का ढोंग रचने से सच्चाई नहीं बदलेगी। हिमाचल की जागरूक जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले समय में इस झूठ और दिखावे की सरकार को करारा जवाब देने के लिए तैयार बैठी है।

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