बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से जुड़ रहे पैक्स, छोटे किसानों को मिलेगा निर्यात, बीज और ऑर्गेनिक बाजार का सीधा लाभ

शिमला : भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में सहकारिता मंत्रालय से जुड़े तारांकित प्रश्न के उत्तर का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और छोटे व सीमांत किसानों को सीधे राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में ठोस और संरचनात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की बहु-राज्यीय सहकारी समितियों — नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) — के माध्यम से पैक्स (PACS) को नई पहचान और नए अवसर मिल रहे हैं।
सुरेश कश्यप ने बताया कि सहकारिता मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार देशभर में एनसीईएल से 15,790, बीबीएसएसएल से 34,078 और एनसीओएल से 11,822 सहकारी सदस्य जुड़ चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में भी इन योजनाओं का अच्छा विस्तार हुआ है, जहां 140 पैक्स एनसीईएल, 451 पैक्स बीबीएसएसएल और 139 पैक्स एनसीओएल के सदस्य बने हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र में भी एनसीईएल से 15, बीबीएसएसएल से 12 और एनसीओएल से 4 पैक्स जुड़ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ‘भारत बीज’ और ‘भारत ऑर्गेनिक्स’ जैसे राष्ट्रीय ब्रांड किसानों को बेहतर मूल्य, प्रमाणिकता और बड़े बाजार तक पहुंच प्रदान करेंगे। इससे बीज गुणवत्ता सुधार, ऑर्गेनिक उत्पादों के प्रमाणीकरण और कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय द्वारा राज्यों की नोडल एजेंसियों के साथ एमओयू के माध्यम से सदस्यता विस्तार का अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पैक्स और किसानों को सीधे जोड़ा जा सके।
सुरेश कश्यप ने कहा कि जैविक उत्पादों के गुणवत्ता प्रमाणन के लिए एपीईडीए और एफएसएसएआई के सहयोग से प्रयोगशालाओं के नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे हिमाचल जैसे राज्यों के ऑर्गेनिक उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारिता आधारित यह मॉडल आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगा।

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