
हिमाचल प्रदेश में इस साल सेब सीजन कई प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद पिछले दो वर्षों के मुकाबले अच्छा रहा। 31 अक्तूबर तक राज्य की विभिन्न मंडियों में कुल 2,74,04,933 कार्टन सेब के पहुंचे। इनमें से 1,27,40,354 कार्टन प्रदेश की मंडियों में बिके, जबकि 1,46,64,579 कार्टन राज्य से बाहर की मंडियों को भेजे गए। पिछले वर्ष 2024 में इसी अवधि तक 2,08,00,005 कार्टन ही मार्केट में पहुंचे थे। पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब 66 लाख कार्टन अधिक बाजार तक पहुंचे हैं। मंडी मध्यस्थता योजना में अक्तूबर अंत तक ही खरीद की जाती है, जिससे यह माना जाता है कि सेब सीजन खत्म हो गया। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों से थोड़ा-बहुत सेब इसके बाद भी आता रहता है। 31 अक्तूबर को आधिकारिक रूप से सेब सीजन की समाप्ति मान ली जाती है।
इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादकों को लगातार मौसम की मार झेलनी पड़ी। बरसात के दौरान भूस्खलन, सड़कों के टूटने से बागवानों को परिवहन और पैकिंग में भारी मुश्किलें आईं। कई सड़कों पर भूस्खलन के कारण माल नीचे लाने में देरी हुई, जबकि जुलाई-अगस्त में हुई भारी वर्षा से सेब की गुणवत्ता पर भी असर पड़ा। फिर भी प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद बागवानों ने रिकॉर्ड उत्पादन और आपूर्ति का नया इतिहास रचा है।
मंडी मध्यस्थता योजना में इस बार सरकार ने 245 कलेक्शन सेंटरों से 98,268 मीट्रिक टन सेब की खरीद की। 2024 में केवल 36,851 मीट्रिक टन, जबकि 2023 में 52,373 मीट्रिक टन सेब की ही खरीद हुई थी। निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भी इस बार बागवानों से खरीद में रुचि दिखाई है। अदाणी एग्रो फ्रेश लिमिटेड, देवभूमि जैसी कंपनियों ने भी सेब की खरीद की। बागवानी विभाग के निदेशक विनय सिंह ने बताया कि भारी बारिश और आपदा के बावजूद इस बार सेब सीजन पिछले दो वर्षों की तुलना में अच्छा रहा। मंडी मध्यस्थता योजना में सेब की खरीद अक्तूबर अंत में बंद कर दी जाती है।
किस वर्ष कितना हुआ कारोबार(आंकड़े करोड़ कार्टन में)
2019-20 3,57,62,650
2020-21 2,40,53,099
2021-22 3,05,95,058
2022-23 3,36,17,133
2023-24 1,78,72,025
2024-25 2,08,00,005
2025-26 2,74,04,933





