बालीचौकी–बंजार क्षेत्र में दुर्लभ मादा बारहसिंगा के अवैध शिकार की आशंका, उपचार के दौरान मौत

बंजार / बालीचौकी (मंडी सीमा)
मंडी जिला की सीमा से सटे बालीचौकी और बंजार क्षेत्र में दुर्लभ वन्य जीव मादा बारहसिंगा के अवैध शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकारियों से जान बचाने के प्रयास में यह मादा बारहसिंगा तीर्थन नदी में कूद गई, जिसे ग्रामीणों की तत्परता से रेस्क्यू तो कर लिया गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उपचार के दौरान बीती रात इसकी मौत हो गई।

घटना मंगलवार देर शाम की बताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने बालीचौकी क्षेत्र में नदी किनारे एक मादा बारहसिंगा को घबराई हुई अवस्था में इधर-उधर भागते देखा। ग्रामीणों के अनुसार, किसी खतरे से बचने के प्रयास में वह बारहसिंगा सीधे तीर्थन नदी में कूद गई। आशंका जताई जा रही है कि वह अवैध शिकारियों के निशाने पर थी।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने बिना देर किए पशुपालन विभाग और वन विभाग बंजार को सूचित किया। मौके पर पहुंची विभागीय टीम और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। पशुपालन विभाग के मंगलौर पंचायत में तैनात कर्मचारी भूपेंद्र शर्मा ने जान जोखिम में डालते हुए नदी में छलांग लगाई और घायल बारहसिंगा को बाहर निकाला। इसके बाद उसे वन विभाग की टीम को सौंपा गया और उपचार के लिए भेजा गया।

हालांकि, गंभीर चोटों के चलते मादा बारहसिंगा की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और बीती रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दुर्लभ वन्य जीव की मौत से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

नन्हे हिरनों का नहीं मिला सुराग

बताया जा रहा है कि मादा बारहसिंगा के साथ उसके नन्हे हिरन भी मौजूद थे, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है। वहीं, घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे अवैध शिकार की आशंका और गहरा गई है।

जानकारी के अनुसार यह दुर्लभ प्रजाति का बारहसिंगा करीब दो माह पहले थाची क्षेत्र में देखा गया था, जो लगभग दस किलोमीटर का सफर तय कर भूराह क्षेत्र तक पहुंच गया था। अपुष्ट सूचनाओं में इसके शरीर पर चार छर्रे लगने की बात भी सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पोस्टमार्टम के बाद होगी कार्रवाई

वन मंडल बंजार के डीएफओ मनोज कुमार ने बताया कि मादा बारहसिंगा का पोस्टमार्टम आज करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं, लेकिन छर्रे लगने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर वन्य जीव सुरक्षा व्यवस्था और अवैध शिकार पर रोक को लेकर संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

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