भागवत कथा मनुष्य को जीना सिखाती है : आचार्य हेमन्त गर्ग

#खबर अभी अभी कुनिहार ब्यूरो*

22 अगस्त 2024

कुनिहार के प्राचीन ठाकुर द्वारा मन्दिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक आचार्य हेमन्त गर्ग ने ज्ञानयज्ञ का प्रवचन करते हुए बताया कि भागवत व्यक्ति को धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है क्योंकिधर्म के सम्मान कोई सत्य नहीं है सत्य से ही धर्म टिका है सत्य से ही सूर्य को तेज मिलता है सत्य से ही वायु वेग से बहती है और सब कुछ सत्य में प्रतिष्ठित है भागवत की कथा मनुष्य को जीना सिखाती है प्रत्येक मनुष्य का जीवन का लक्ष्य भगवान में अनुराग होना है नारद जी पूर्व जन्म में दासी पुत्र थे परंतु संतों का संग करने से और भगवान का ध्यान करने से वह ब्रह्मा के पुत्र बने और हमेशा देवता में पूज्य बनकर भगवान का नाम जप करते हैं।

यही भगवान की कृपा है ऐसे ही पांडवों ने भी भगवान का आश्रय ग्रहण करके महाभारत का युद्ध जीत लिया उनके जीवन के सभी कष्टो को भगवान ने हर लिया इसलिए जो भी जीव भगवान को समर्पित हो जाते हैं भगवान हमेशा उनका कल्याण करते हैं इसलिए प्रत्येक जीव को भगवान की भक्ति में डूब जाना चाहिए कभी भी भूल कर अपने पुण्य को बताना नहीं चाहिए पुण्य कर्म छुपा कर रखने चाहिए और बुराई हो तो उसे समाज में बांट देना चाहिए। आयोजन कमेटी सदस्य प्रदीप पूरी ने बताया कि कथा का समय दोपहर 2बजे से शाम 5 बजे तक है। कथा विराम व आरती के बाद सभी में भोग वितरित किया जाता है।

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