
#खबर अभी अभी मंड़ी ब्यूरो*
21 सितंबर 2024
मच्छ्याल-बल्ह-जोल-रोपड़ी सड़क की हालत सुधारने और इसे पक्का करने की मांग को लेकर कई गांवों के किसानों और महिला मंडलों ने मोर्चा खोल दिया है। किसान नेता और जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में जोल, चेलंग, द्रोबड़ा, समोहली, मोरडुघ, घरवासड़ा आदि गांवों लोग हिमाचल किसान सभा और जालपा महिला मण्डल के बैनर तले लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचे तथा कार्यालय के बाहर सड़क की खस्ता हालत को सुधारने के लिए प्रदर्शन किया। अधीक्षण अभियंता और अधिशाषी अभियंता की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने सहायक अभियंता व अन्य अधिकारियों के साथ इस विषय पर बैठक की। प्रतिनिधिमंडल में आयुष परमार, सुनील परमार, इन्दिरा चौहान, दीपा ठाकुर, वीना देवी, सुभद्रा देवी, कांता देवी, यशोदा देवी, अनीशा देवी, जानकी देवी, रितिका देवी, निर्मला देवी, कालखू देवी, बनिता देवी, सरला देवी आदि भी शामिल रहे।
इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज ने कहा कि यह सड़क लगभग 40 साल पुरानी है तथा कुछ वर्ष पहले इसे जोल से घरवासड़ा होते हुए रोपड़ी की सड़क के साथ लिंक किया गया है, लेकिन समोहली से आगे सड़क की हालत बहुत खराब है तथा छोटे वाहन चलाना भी मुश्किल होता है। खस्ताहाल सड़क के चलते साल के कई महीने बस जोल गाँव तक भी नहीं पहुँचती है और कभी यह समोहली से तो कभी बल्ह से ही वापिस हो जाती है। जोल से आगे रोपड़ी तक तो मोटर साइकल चलानी भी मुश्किल है तथा आजकल तो यह सड़क बंद ही पड़ी है। इस लिए इस सड़क को ठीक करने के लिए तुरंत जेसीबी और मजदूर भेजे जाएँ।
सभी गड्ढों को अच्छे से भारा जाये और जहां कच्ची नालियाँ बंद हो गई हैं उन्हें भी ठीक किया जाये, ताकि बस भी जोल तक चलाई जा सके व छोटे वाहनों को चलाने में कोई दिक्कत न हो। अभी एचआरटीसी की बस समोहली गाँव तक चल रही है। यह बस भी बरसात में बंद कर दी गई थी, लेकिन 17 अगस्त को जब हमने लोक निर्माण विभाग और एचआरटीसी कार्यालय का घेराव किया था तो उसी शाम से समोहली तक यह बस चल पड़ी थी। जिला परिषद सदस्य ने कहा कि 2022 में भी जब इस सड़क को पक्का करने की मांग को लेकर हमने प्रदर्शन किया था तो विभाग से डेढ़ करोड़ का इस्टीमेट बनवाकर मंजूरी हेतु तत्कालीन सरकार के पास भेजा था। लेकिन न तो भाजपा सरकार ने इसे मंजूर किया और न ही काँग्रेस सरकार ने इस दिशा में कुछ काम किया है। उन्होंने कहा कि सबसे पुराना रोड़ आज सबसे खस्ताहालत में है। चुनावों के दौरान वोट बटोरने के लिए भाजपा और काँग्रेस के नेता हर बार यही आश्वासन देते हैं कि इसे जल्दी ही चौड़ा करके पक्का भी किया जाएगा।
लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद कोई भी सरकार या विधायक इसकी सुध नहीं लेते हैं। स्थानीय विधायक प्रकाश राणा से भी मांग की गई थी कि इस सड़क को विधायक प्राथमिकता में डाल कर इसे नाबार्ड के माध्यम से बनाया जाये। उन्होंने भी कई बार चुनावों के दौरान इसे विधायक प्राथमिकता में डालने के कोरे आश्वासन दिये लेकिन 7 साल के अपने कार्यकाल में इस बारे में कुछ भी नहीं किया। कुशाल भारद्वाज ने कहा कि यदि यह सड़क विधायक प्राथमिकता में नाबार्ड के जरिये बनती है तो यह मच्छयाल व जोगिन्दर नगर इलाके को लडभड़ोल इलाके से जोड़ने के लिए सबसे कम दूरी का रूट है। लेकिन इस बारे में किसी सरकार, विधायक ने कभी कोई पहल नहीं की है।
इस अवसर पर आयुष परमार, इन्दिरा चौहान, दीपा ठाकुर, सुनील परमार व वीना देवी ने कहा कि उनके बुजुर्ग भी इस सड़क को पक्का करने के लिए कभी एक सरकार तो कभी दूसरी सरकार से गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने भी सुध नहीं ली। कई वर्षों से सड़क होने के बावजूद कई बार उनके बच्चों को अकसर पैदल स्कूल-कॉलेज आना-जाना पड़ता है। जब कोई बीमार पड़ता है तो बहुत मुश्किल होती है। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री व स्थानीय विधायक से फिर मांग करते हैं कि इस सड़क की सुध ली जाये। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्दी ही सड़क पक्की नहीं हुई, बैठ चुके डंगे नहीं लगवाए और सड़क किनारे नालियाँ नहीं बनवाई तो सभी गांववासी किसान, छात्र और महिलाएं आंदोलन करने को बाध्य होंगी।





