
ख़बर अभी अभी दिल्ली ब्यूरो
09 जून 2024
मंदिर न्यास प्रशासन का कंपनी के साथ एक साल के लिए एमओयू साइन 15 जून से शुरू होगी वर्किंग, सेनिटेशन के लिए मंदिर परिसर से टोबा तक का 51 हजार स्क्वेयर मीटर एरिया चिन्हित चौबीस घंटे आधुनिक मशीनरी के साथ होगी साफ-सफाई, यूनिफार्म में काम करेंगे कर्मी, नवरात्र में कंपनी को बढ़ानी होगी स्ट्रेंथ हर महीने कंपनी की वर्किंग का होगा रिव्यू, ऑडिट के बाद जारी होगी पेमेंट नई व्यवस्था के लिए हिमाचल प्रदेश का पहला शक्तिपीठ बना नयनादेवी मां नयना का दर और आसपास के एरिया को नीट एंड क्लीन बनाए रखने का जिम्मा अब दिल्ली की नामी एजेंसी संभालेगी। मंदिर न्यास प्रशासन ने इंटरनेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ सुलभ सिस्टम (आईआईएसएस) के साथ एक साल के लिए एग्रीमेंट किया है। यह टेंडर 78 लाख 45 हजार 840 रुपए में अवार्ड हुआ है। कंपनी 15 जून से अपनी सेवाएं देना शुरू करेगी। मंदिर परिसर से लेकर टोबा तक का 51 हजार स्क्वेयर मीटर एरिया चिन्हित किया गया है। मंदिर न्यास के सुपरवाइजर सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगे। नयनादेवी की प्रॉपर्टी के अलावा रास्ते व पगडंडियों के साथ-साथ आसपास के जंगल में सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। अहम बात यह है कि हिमाचल प्रदेश में नयनादेवी ऐसा पहला शक्तिपीठ है, जहां सेनिटेशन का जिम्मा किसी नामी एजेसी को सौंपा गया है। दरअसल, अभी तक नयनादेवी शक्तिपीठ में साफ-सफाई का कार्य मंदिर न्यास प्रशासन की ओर से आउटसोर्स आधार पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों के हवाले था।
इसके साथ ही नगर परिषद की ओर से भी कर्मियों को समय-समय पर सफाई कार्य के लिए नियुक्त किया जाता था, जबकि नवरात्र मेलों के दौरान लगभग डेढ़ सौ अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था करनी पड़ती थी,





