
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
4 मार्च 2023
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और सरदार पटेल विवि मंडी शैक्षणिक सत्र 2023 से यूजी स्तर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश के 135 कॉलेजों में प्राचार्यों के 100 पद खाली हैं। मार्च में चार पद और खाली हो जाएंगे। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के गृह जिला मुख्यालय के बड़े कॉलेजों तक में प्राचार्य के पद खाली हैं। विवि भले ही पाठ्यक्रम बनाकर तैयार कर लें, लेकिन कॉलेजों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी करने के लिए मुखिया ही नहीं हैं।साल 2018 से लेकर शिक्षा विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति के अनुसार पदोन्नतियां रुकी हुई हैं। प्रदेश की पूर्व में रही भाजपा और वर्तमान कांग्रेस सरकार से राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ कई बार कॉलेजों में खाली चल रहे प्राचार्यों के पदों और इससे पेश आ रही मुश्किलों से अवगत करवाकर पदोन्नतियां कर नियमित प्राचार्य तैनाती की मांग उठाता आया है। बावजूद इसके अभी तक स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
यह समस्या सिर्फ कॉलेजों की नहीं है, यह दोनों विश्वविद्यालयों की भी है। प्राचार्य न होने पर और अस्थायी तौर पर लगाए गए प्राचार्यों से कैसे वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने को जून माह तक तैयारियां करवाएगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने सात जिलों में जिला मुख्यालयों के प्राचार्यों को अपने जिलों के कॉलेजों के शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं करवाकर व्यवस्था करने को कहा जरूर है लेकिन जहां प्राचार्य ही नहीं हैं वहां नीति कैसे लागू होगी।
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