

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
15 नवंबर 2022
जानकारी अनुसार मुल्थान के गांवों कोठी कोढ़, राज गुंधा, धरमान, उल्धार, मियोट, जधार, पोलिंग, रोलिंग, पंजोड, लाछयान, भुज्लिंग, छेरना, बड़ी झरवाड, अंद्रली मलाह, ख्बान में 2 से 5 सेंटीमीटर हिमपात हुआ है। वहीं, जिला कांगड़ा के धर्मशाला, ज्वालामुखी, इंदौरा, ठाकुरद्वारा, बैजनाथ, पालमपुर, थुरल और पंचरूखी में सोमवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। धर्मशाला में हुई बारिश के कारण इंद्रुनाग में पैराग्लाइडिंग गतिविधियां नहीं हो सकीं।
वहीं गगल एयरपोर्ट पर सभी विमानों ने अपनी उड़ानें भरीं। उधर, किसानों की मानें तो सोमवार को हुई बारिश गेहूं की बिजाई के लिए संजीवनी के रूप में बरसी है।
क्या कहते हैं किसान
ईच्छी के किसान अश्विनी ने बताया कि सोमवार को हुई बारिश इस समय उगाई जा रही हरी सब्जियों के लिए वरदान साबित होगी।
शाहपुर के किसान प्रीतम चंद ने बताया कि गेहूं की बिजाई के लिए लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब बारिश होने के साथ खेतों को पर्याप्त नमी मिल जाएगी जो कि फसल की बिजाई के लिए लाभकारी है।
शाहपुर के मलाह के किसान चैन सिंह ने बताया कि बारिश न होने से लंबे समय से गेहूं की बिजाई लंबित पड़ी थी। अब बारिश होने के साथ ही बिजाई का काम शुरू हो जाएगा।
चंगर क्षेत्र के किसानों को बारिश के रूप में मिली संजीवनी: पवन कुमार
गगल के किसान पवन कुमार ने बताया कि चंगर क्षेत्र के लोगों को बारिश के रूप में संजीवनी मिली है। किसानों के लिए यह समय गेहूं की बिजाई का होता है। ऐसे में जहां बारिश की जरूरत थी वहां बारिश के होने से फसल की बिजाई शुरू होगी।
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गेहूं की बिजाई के लिए बारिश थी जरूरी
जिला कांगड़ा में गेहूं की बिजाई के लिए बारिश अति आवश्यक थी। चंगर क्षेत्र में जहां बारिश न होने के साथ गेहूं की बिजाई नहीं हो पा रही थी वहां अब खेतों को काफी नमी मिल गई है।
-डॉ. राहुल कटोच, कृषि उपनिदेशक, जिला कांगड़ा





