
शिमला: भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास और प्रगति के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को लगभग ₹286 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की है, जिसमें ₹27.23 करोड़ कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना की दूसरी किस्त तथा ₹259 करोड़ आपदा पुनर्निर्माण और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिए स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि 10 कार्य दिवस के भीतर संबंधित एजेंसियों को हस्तांतरित की जानी है और इसका उपयोग सड़क, पुल, भवन तथा अन्य आधारभूत ढांचे के विकास में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह सहायता स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के अंतर्गत दी गई है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परियोजनाओं में किसी भी बदलाव हेतु केंद्र की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी। यदि उपयोगिता प्रमाणपत्र समय पर नहीं दिए गए तो अगली किस्त रोकी जा सकती है तथा दोहरी फंडिंग पाए जाने पर भविष्य की केंद्रीय हिस्सेदारी में कटौती संभव है।
हर्ष महाजन ने कहा कि आर.डी.जी. (राजस्व घाटा अनुदान) बंद होने की स्थिति में राज्य पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, जिससे वेतन-पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे समय में केंद्र की यह सहायता हिमाचल के लिए राहत लेकर आई है। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि मोदी सरकार हमेशा “संकट में सच्चा साथी” साबित हुई है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार एक ओर केंद्र से मदद ले रही है और दूसरी ओर उसी के खिलाफ गलत नैरेटिव गढ़ रही है। यह स्थिति “आसमान से गिरे, खजूर में अटके” जैसी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र को दोष दे रही है, जो कि “नाच न जाने आंगन टेढ़ा” वाली राजनीति का उदाहरण है।
सांसद ने कहा कि भाजपा तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर जनता के सामने सच्चाई रखती रहेगी और प्रदेश हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।





