
जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के हिंसा गांव की मिट्टी में देश सेवा का जज्बा भरा है। गांव के 38 जवान सेना में हैं। वर्तमान में करीब 23 जवान जम्मू-कश्मीर में बार्डर पर सेवाएं दे रहे हैं। 72 परिवारों के इस गांव के बच्चे स्कूली स्तर पर ही खेलकूद में अपनी प्रतिभा दिखाना शुरू कर देते हैं। ऐसे में सेना में जाने की रुचि भी स्कूल स्तर से ही शुरू हो जाती है। गांव को वीर जवानों का गांव कहें तो गलत नहीं होगा। गांव के 38 युवा इस समय सेना में देश की रक्षा कर रहे हैं और 12 लोग सेना से सेवानिवृत्त हो गए हैं।





