राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार या तो किसी कैबिनेट मंत्री को हटाकर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष बनाया जाएगा या फिर कांगड़ा अथवा मंडी संसदीय क्षेत्रों में से किसी एक के लिए यह पद जाएगा।

Himachal Congress:  Having more ministers reduced the claim for the post of Congress state president from Shim

मंत्रियों और कैबिनेट रैंक की फौज ने शिमला संसदीय क्षेत्र की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कम कर दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार या तो किसी कैबिनेट मंत्री को हटाकर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष बनाया जाएगा या फिर कांगड़ा अथवा मंडी संसदीय क्षेत्रों में से किसी एक के लिए यह पद जाएगा।  प्रतिनिधित्व में पिछड़ने पर कांगड़ा और मंडी की दावेदारी ज्यादा मजबूत है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों हैं तो इन दोनों जगहों से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए दावेदारी वैसे ही कमजोर पड़ जाती है। आने वाले दिनों में कभी भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पद पर प्रतिभा सिंह के बने रहने पर संशय है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस का एक खेमा एक परिवार एक पद की बात कर प्रतिभा सिंह को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने के लिए हाईकमान पर दबाव बना रहा है।

इस खेमे का कहना है कि हॉलीलॉज से वर्तमान में कांग्रेस संगठन और सरकार में मुख्यधारा का प्रतिनिधित्व है। यानी प्रतिभा सिंह अगर कांग्रेस अध्यक्ष हैं तो उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह लोक निर्माण जैसे बड़े महकमे को देख रहे हैं। इसी तर्क के साथ पार्टी को मजबूत करने के लिए किसी और नेता को पार्टी अध्यक्ष बनाने का अवसर देने की बातें हो रही हैं। हालांकि, संतुलन बनाने के लिए ऐसे नेता को यह कमान दी जा सकती है, जो कांग्रेस के सभी गुटों में सर्वमान्य हो।

शिमला संसदीय क्षेत्र से तीन नेताओं के नाम चर्चा में
ऐसे में शिमला संसदीय क्षेत्र से पार्टी अध्यक्ष पद के लिए तीन नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें कुलदीप सिंह राठौर का नाम सबसे आगे है। कुलदीप सिंह राठौर पहले भी कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता होने के साथ-साथ कभी पार्टी का एक ध्रुव रही विद्या स्टोक्स के ठियोग हलके से विधायक भी हैं।  शिमला संसदीय क्षेत्र से सोलन जिला के कसौली के कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी के नाम की भी चर्चा हो रही है। इस लोकसभा सीट पर दशकों तक उनके पिता स्व. केडी सुल्तानपुरी अजेय रहे। वह अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं तो जातीय समीकरण साधने के चलते उन पर कांग्रेस के दोनों ही गुटों की सहमति बन सकती है।

इनके नाम की भी चर्चा

इसी तरह से विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार का नाम भी चर्चा में है। विनय कुमार भी अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। पर वर्तमान में शिमला संसदीय क्षेत्र से पांच कैबिनेट मंत्री धनीराम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, रोहित ठाकुर, विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह हैं। इनके अलावा सिंह खाची और नरेश चौहान को कैबिनेट रैंक दिया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा समेत कई नियुक्तियां भी शिमला संसदीय क्षेत्र से हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष भी यहीं से हैं। पार्टी अध्यक्ष मंडी और शिमला दोनों ही संसदीय क्षेत्रों से ताल्लुक रखती हैं। इसी से शिमला संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कम हो गई है। अब नजरें आगामी दिनों में मुख्यमंत्री सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के दिल्ली दौरे के अलावा चारों संसदीय क्षेत्रों से अध्यक्ष पद के दावेदारों पर टिकी हैं।
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