राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिमाचल सेब उत्पादक संघ की भागीदारी, किसानों की मांगों को लेकर रोहड़ू में जोरदार प्रदर्शन

रोहड़ू/शिमला,
सीटू, हिमाचल किसान सभा और हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने राष्ट्रव्यापी किसान-मज़दूर हड़ताल में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपना पूर्ण समर्थन दर्ज किया। प्रदेश के सेब बहुल क्षेत्रों में संघ की स्थानीय इकाइयों के सदस्यों ने जिला एवं ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर किसानों और मजदूरों की मांगों को मजबूती से उठाया।

रोहड़ू के बस स्टैंड परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ू और छुहारा क्षेत्र के किसान-बागवान बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने किसान-मज़दूर एकता पर जोर दिया और कहा कि वर्तमान नीतियों के कारण खेती-बागवानी गहरे संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि संगठित संघर्ष ही समस्याओं का समाधान है।

प्रदर्शन के दौरान मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने, किसानों की भूमि और घरों से बेदखली पर रोक लगाने, भूमिहीन व गरीब किसानों को कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराने, किसान विरोधी टैरिफ नीतियों और मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर रोक लगाने, विदेशी सेब पर पर्याप्त आयात शुल्क सुनिश्चित करने, सभी फसलों पर कानूनी गारंटी के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने तथा प्राकृतिक आपदाओं और विकास कार्यों से हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

समापन अवसर पर सेब उत्पादक संघ के वरिष्ठ नेता संजय चौहान ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां बड़े कॉरपोरेट घरानों के हित में काम कर रही हैं, जबकि किसानों और मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक व तेज़ किया जाएगा।

संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों और मजदूरों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिए जाते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही प्रदेश के किसानों-बागवानों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया गया।

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