
शिमला, भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने केंद्रीय आम बजट 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक बजट बताया है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का रोडमैप है, जो निवेश, उद्योग, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आम नागरिकों की आकांक्षाओं को केंद्र में रखता है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि मोदी सरकार ने लोक-लुभावनवाद की बजाय आम लोगों को प्राथमिकता दी है और बयानबाज़ी की जगह सुधारों को चुना है। आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र बन चुकी है और सरकार के प्रत्येक निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णायक फैसलों के कारण भारत निरंतर लगभग 7% की उच्च विकास दर प्राप्त कर रहा है और मजबूत मैक्रो-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट ऐतिहासिक दृष्टि से भी विशेष है क्योंकि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है। वित्त मंत्री ने बजट के तीन प्रमुख कर्तव्य स्पष्ट किए हैं—पहला आर्थिक ग्रोथ को गति देना और निवेश, उद्योग व रोजगार को मजबूत करना; दूसरा जनता की उम्मीदों को पूरा करते हुए सामान्य नागरिकों को अधिक अवसर व सुविधाएं देना; और तीसरा सबका साथ, सबका विकास के माध्यम से विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना।
डॉ. बिंदल ने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में कहा कि बजट 2026-27 प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। केंद्र सरकार के करों में हिमाचल प्रदेश को 1.217% हिस्सेदारी के अंतर्गत कुल ₹13,949.97 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह आवंटन राज्य में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास तथा अधोसंरचना परियोजनाओं को नई गति प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों के लिए बजट में विशेष ध्यान रखा गया है। वित्त मंत्री ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण-संवेदनशील पर्वतीय मार्ग (Eco-Friendly Mountain Corridors) विकसित करने की घोषणा की है, जिससे हिमाचल में पर्यटन, कनेक्टिविटी और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाएं हिमाचल जैसे पर्यटन-प्रधान राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। होटल, होमस्टे, इको-टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
डॉ. बिंदल ने कहा कि बजट में घोषित Medical Tourism Hub योजना से हिमाचल प्रदेश को वेलनेस और स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं मिलेंगी। साथ ही आयुष सेक्टर को मजबूती देते हुए नए आयुर्वेद संस्थानों, फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं के अपग्रेडेशन की घोषणा हिमाचल के लिए विशेष अवसर है क्योंकि प्रदेश औषधीय पौधों और पारंपरिक चिकित्सा का केंद्र रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ₹10,000 करोड़ की Bio Pharma Shakti Project योजना हिमाचल के फार्मा उद्योग के लिए वरदान सिद्ध होगी। बद्दी-सोलन क्षेत्र पहले ही देश के बड़े फार्मा हब के रूप में स्थापित है और इस योजना से निवेश, रोजगार और उत्पादन को नई गति मिलेगी। MSME क्षेत्र को TREDS के जरिए ₹7 लाख करोड़ से अधिक फंडिंग का प्रावधान हिमाचल के छोटे उद्योगों, फूड प्रोसेसिंग, स्थानीय उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मजबूती देगा।
डॉ. बिंदल ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए सरकार ने पूंजीगत व्यय को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्ग विकास तथा ₹20,000 करोड़ की कार्बन कैप्चर योजना भारत को ग्रीन ग्रोथ की ओर अग्रसर करेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का लाभ हिमाचल के शिमला, मंडी, सोलन, कांगड़ा जैसे शहरों को भी मिलेगा।
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि बजट 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, विकसित हिमाचल और समृद्ध राष्ट्र निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम है। यह बजट प्रदेश के पर्यटन, फार्मा, आयुष, पर्वतीय अवसंरचना, युवाओं के रोजगार और महिला सशक्तिकरण के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है।





