विक्रमादित्य ने मुकेश की पोस्ट की पहेली सुलझाई, भाजपा की ओर बात घुमाई

शिमला | लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की फेसबुक पोस्ट की पहेली सुलझाते हुए उनकी नाराजगी को भाजपा की ओर घुमा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग साजिशें कर रहे हैं और उन्हें हरोली के विकास से तकलीफ हो रही है। मुकेश हिमाचल प्रदेश के बड़े नेताओं में से एक हैं। कहा-अपने साथी के साथ खड़ा होना मेरे डीएनए में है और इसलिए अग्निहोत्री के साथ खड़ा हूं।मंगलवार को मीडिया ने जब सवाल किया कि मुकेश साजिशों के दौर की बात कर रहे हैं, ये साजिशें कौन कर रहा है? इसके उत्तर में विक्रमादित्य सिंह ने मुस्कराते हुए कहा कि विपक्ष के लोग हैं, वही लगे रहते हैं।

विपक्ष के साथियों को कुछ और सूझ नहीं रहा है तो लगातार कुछ न कुछ चीजें करते रहते हैं। हर तरीके से साजिशें करते रहना, नेताओं, मंत्रियों और विधायकों को टारगेट करना सही नहीं है। यह एक सच्चाई है कि उपमुख्यमंत्री हरोली से पांच चुनाव लड़े हैं। पांचों के पांचों चुनाव वह जीते। आज प्रदेश का नेतृत्व वह उपमुख्यमंत्री के रूप में कर रहे हैं। भाजपा के नेताओं को उनके हरोली में विकास से तकलीफ नहीं होनी चाहिए। इस तरह की साजिशों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि जनता सब चीजें समझती, देखती और जानती है।

मुकेश की पोस्ट से गर्माई है सियासत
दरअसल शनिवार को उपमुख्यमंत्री पोस्ट में लिखा था-साजिशों का दौर, झूठ के पांव नहीं होते…। रविवार को विक्रमादित्य सिंह ने भी इसी से जोड़ते हुए पोस्ट डाली – जब आपको हराने के लिए लोग कोशिश करने के बजाय साजिश करने लगे तो समझ लीजिए आपकी काबिलियत अव्वल दर्जे की है। आप वीरभद्र सिंह स्कूल ऑफ थॉट के शिष्य हैं, न कभी डरना न किसी को बेवजह डराना। इसके नीचे विक्रमादित्य सिंह ने जय श्रीराम का नारा लिखा। इन दोनों नेताओं का इशारा किस बात की ओर है, इस पर पहेलियां बूझी जा रही थीं। इस पर विक्रमादित्य सिंह ने मीडिया के प्रश्न पर सफाई देते हुए भाजपा को निशाने पर लिया।
एक या दो को श्रेणीबद्ध करना छोटी सोच, सबके समर्थन से छह बार सीएम बने वीरभद्र
एक ओर विक्रमादित्य सिंह ने मुकेश अग्निहोत्री और अपनी पोस्ट पर इस तरह से सफाई दी तो दूसरी ओर कुछ ऐसा कह गए, जिससे फिर सियासी गलियारों में चर्चा हो रही है कि क्या अभी भी कुछ गड़बड़ है। विक्रमादित्य ने कहा कि वीरभद्र सिंह छह बार मुख्यमंत्री रहे तो उनके सब करीबी थे। अगर छह बार मुख्यमंत्री बनना हो तो वह एक धड़े का मुख्यमंत्री नहीं होता। छह बार मुख्यमंत्री बनने के लिए दम भी चाहिए, हौसला भी चाहिए और सबका समर्थन और साथ भी चाहिए। यह एक या दो को श्रेणीबद्ध करना छोटी सोच है। मैं इस चीज में नहीं जाना चाहता।
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