#विधानसभा सीट पर इस बार  फिर खेल सकती  भाजपा  ‘चाय वाले’ पर दांव |*

#विधानसभा सीट पर इस बार  फिर खेल सकती  भाजपा  ‘चाय वाले’ पर दांव |*

शिमला शहरी विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा एक चाय वाले पर दांव खेल सकती है। कसुम्पटी से कांग्रेस विधायक अनिरुद्व सिंह के खिलाफ भारद्वाज को मैदान में उतारने की तैयारी है।

संजय सूद

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

 19 अक्टूबर 2022

शिमला शहरी विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा ‘चाय वाले’ पर दांव खेल सकती है। पार्टी इस सीट पर पूर्व पार्षद संजय सूद को अपना प्रत्याशी बना सकती है। संजय सूद वर्तमान में प्रदेश भाजपा में कोषाध्यक्ष हैं। शिमला के ओल्ड बस स्टैंड में इनकी चाय की दुकान है।  वहीं, मंत्री सुरेश भारद्वाज की शिमला शहरी सीट बदलकर पार्टी कसुम्पटी हलके से उन्हें उम्मीदवार बना सकती है। कसुम्पटी से कांग्रेस विधायक अनिरुद्व सिंह के खिलाफ भारद्वाज को मैदान में उतारने की तैयारी है। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से सूची जारी नहीं हुई है लेकिन पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच भारद्वाज के समर्थकों में मायूसी है। सुरेश भारद्वाज लगातार तीन बार शिमला शहर से कांग्रेस को पटखनी दे चुके हैं और चौथी मर्तबा भी शहर से चुनाव लड़ने को तैयार थे। भारद्वाज मूल रूप से जिला शिमला के रोहडू के रहने वाले हैं। शिमला शहर में ऊपरी शिमला के मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले न्यू शिमला, पंथाघाटी, मल्याणा , मैहली , ढली, समिट्री और कंगनाधार में भी अच्छी खासी संख्या में ऊपरी शिमला के मतदाता हैं।

अब उन मतदाताओं को भारद्वाज अपने वोट में कितना बदल पाते हैं यह देखना दिलचस्प होगा। यदि भारद्वाज को कसुम्पटी से चुनाव मैदान में उतारा जाता है तो यहां उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के अनिरुद्व सिंह के साथ होगा। यहां पर माकपा के कुलदीप सिंह तंवर भी चुनावी मैदान में हैं। अनिरुद्ध लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। पहले चुनाव में कसुम्पटी विधानसभा से अनिरुद्ध 9800 और दूसरे चुनाव में 9300 वोटों से चुनाव जीते। मौजूदा समय में इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 70 हजार मतदाता हैं, जो प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे। भाजपा का मानना है कि सुरेश भारद्वाज की छवि एक ईमानदार नेता की रही है और जयराम ठाकुर सरकार में मंत्री रहे हैं इसका फायदा भाजपा को मिलेगा। अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ भारद्वाज ही कड़ी टक्कर देने में कामयाब होंगे।

उधर, शिमला शहर से संजय सूद को चुनावी मैदान में उतारने को लेकर भारद्वाज गुट विरोध में खड़ा हो गया है। बीते विधानसभा चुनाव में भी संजय सूद भाजपा टिकट की दौड़ में थे लेकिन भारद्वाज टिकट झटकने में कामयाब हो गए थे। शिमला शहर से कांग्रेस की टिकट पर असमंजस बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि सुरेश भारद्वाज के साथ संजय सूद का  छत्तीस का आंकड़ा किसी से छिपा नहीं है।

विजय ज्योति सेन पर टिकीं सबकी नजरें 
कसुम्पटी विधानसभा से विजय ज्योति सेन का नाम भाजपा में सबसे आगे चल रहा था। एक बार यहां से निर्दलीय और बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। सुरेश भारद्वाज को टिकट मिलने की अटकलों के बीच विजय ज्योति सेन के सैकडों समर्थकों में मायूसी छा गई है। समर्थक इस बार  विजय ज्योति सेन की जीत पक्की मानकर चल रहे थे। टिकट कटने की अटकलों से  विजय ज्योति सेन का अगला क्या कदम होगा इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

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