
मंडी,
प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। गत वर्ष भारी बरसात में घर गंवाने वाले प्रभावित परिवारों को बढ़ी हुई सहायता राशि मिलने से उनके जीवन में फिर से उम्मीद जगी है। राज्य सरकार के विशेष राहत पैकेज के तहत मंडी जिला में गृह निर्माण एवं मरम्मत के लिए 31 करोड़ 81 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं।
मंडी जिला की तहसील कोटली के सुक्का कून गांव की सुनीता देवी की कहानी इस राहत पैकेज का जीवंत उदाहरण है। वर्ष 2025 की भीषण बरसात में उनका मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे वे परिवार सहित बेघर हो गईं। ऐसे कठिन समय में प्रदेश सरकार द्वारा घोषित विशेष राहत पैकेज के तहत उन्हें मकान निर्माण के लिए सात लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई, जिसमें से पहली किस्त के रूप में चार लाख रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इस राशि से उन्होंने अपने नए घर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
सुनीता देवी ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सरकारी सहायता के बिना घर बनाना संभव नहीं था। उन्होंने भावुक होकर कहा,
“माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद। सरकार की मदद से हमारे टूटे घर को दोबारा बनाने का सपना साकार हो रहा है।”
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने आपदा राहत और पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। आपदा मुआवजा राशि में 25 गुना तक की बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2025-26 के लिए विशेष राहत पैकेज स्वीकृत कर हजारों प्रभावित परिवारों को राहत दी गई है।
पूर्व में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मात्र 1.50 लाख रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है। इसके साथ घरेलू सामान के लिए एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जा रही है। इस प्रकार कुल आठ लाख रुपये की राहत राशि से प्रभावित परिवारों को पुनर्निर्माण और सामान्य जीवन की ओर लौटने में बड़ी मदद मिल रही है। इसके अलावा, अस्थायी रूप से किराये के मकान में रहने वाले आपदा प्रभावितों को मासिक किराया भी सरकार द्वारा दिया जा रहा है।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि वर्ष 2025 की आपदा से प्रभावितों को जिले में अब तक 717 पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 19 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक तथा 1437 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 12 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।





