
शिमला, 17 मार्च 2026:
18 मार्च 2026 से शुरू होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा कार्यवाही के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस शिमला ने कमर कस ली है। जिला प्रशासन, गुप्तचर विभाग और विधानसभा अधिकारियों के समन्वय से एक व्यापक एवं बहु-स्तरीय (Multi-layer) सुरक्षा चक्र स्थापित किया गया है। बजट सत्र के दौरान समस्त सुरक्षा व्यवस्थाओं का संचालन एवं समन्वय श्रीमती अंजुम आरा, आईपीएस, पुलिस उपमहानिरीक्षक (दक्षिण खंड, शिमला) की सीधी देखरेख में सुनिश्चित किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था के प्रभावी प्रबंधन के लिए विधानसभा परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों को चार प्रमुख पुलिस सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की कमान राजपत्रित पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है, जो अपनी निगरानी में पुलिस बल की तैनाती और ड्यूटी का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे। सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला द्वारा सभी तैनात अधिकारियों और जवानों को सतर्कता बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के संबंध में विस्तृत ब्रीफिंग दी गई है। शहर के संवेदनशील स्थानों और विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर दिनांक 17 मार्च से ही 24×7 नाकाबंदी कर दी गई है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके।
*सुरक्षा बल की तैनाती के विवरण के अनुसार, इस सत्र के लिए कुल 15 राजपत्रित अधिकारी, 27 अराजपत्रित अधिकारी (NGOs), 19 मुख्य आरक्षी और 260 आरक्षी सहित कुल 306 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए 200 होमगार्ड जवान और क्विक रिएक्शन टीम (QRT) व विशेष सुरक्षा इकाई (SSU) के प्रशिक्षित कमांडो विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगे। कुल मिलाकर शिमला शहर और विधानसभा परिसर में लगभग 700 पुलिस और होमगार्ड कर्मियों का बल तैनात रहेगा। साथ ही, पुलिस विभाग की विशेष शाखा (राज्य अन्वेषण विभाग) के कर्मचारी सादे कपड़ों में रहकर खुफिया जानकारी एकत्र करेंगे।*
*यातायात प्रबंधन को लेकर भी विशेष योजना लागू की गई है। शिमला शहर में सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एक राजपत्रित अधिकारी के पर्यवेक्षण में 145 नियमित ट्रैफिक कर्मियों के साथ-साथ 27 अतिरिक्त पुलिस जवान, 20 होमगार्ड और 22 मोटरसाइकिल राइडर तैनात किए गए हैं*। तकनीक के स्तर पर सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय किया गया है और आवश्यकतानुसार ड्रोन, डिजिटल वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के जरिए निगरानी की जाएगी। जिला प्रशासन ने भी शहर को पांच प्रशासनिक सेक्टरों में बांटकर सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला ने आम जनता और आगंतुकों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
जिला पुलिस शिमला





