# सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में शिमला की कायापलट का सीएम सुक्खू ने दिया है भरोसा।

ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन

1 मई 2023

 पार्टीबाजी से इतर राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आमजन में तेजी से लोकप्रिय तो हुए ही साथ ही चार माह के छोटे से कार्यकाल में ही एक स्थापित मुख्यमंत्री के तौर पर देखे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ हिमाचल का आम आदमी एक कनेक्ट महसूस करने लगा है मानों मुख्यमंत्री उनमें से ही कोई एक हो। शिमला नगर निगम के चुनाव भी सुक्खू के नाम पर ही लड़े जा रहे हैं और क्योंकि अभी उनके कार्यकाल का साढ़े चार साल का लंबा अरसा बाकी इसलिए भी शिमला का मतदाता कांग्रेस की ओर झुकता दिखाइ दे रहा है। भाजपा को प्रचार में मिली शुरूआती बढ़त के बाद अंतिम दिनों में प्रचार में खुद उतर कर सुक्खू ने चुनाव की दिशा पूरी तरह बदल दी है। एक जमाने में खुद शिमला नगर निगम के पार्षद रहे सुक्खू शिमला के गली मोहल्लों में खुद पहुंच कर कांग्रेस के अभियान को गति दे रहे हैं।

कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों और दैनिक वेतन भोगियों को नियमितीकरण का तोहफा देकर सुक्खू ने अपनी इच्छा शक्ति को प्रदर्शित किया है। ओपीएस लागू करने के साथ बेसहारा बच्चों और बड़ों के लिए सुख आश्रय कोष और महिलाओं को अलग अलग चरणों में 1500 रूपए प्रतिमाह देने का फैसला लोकप्रिय साबित हुआ है। सुक्खू ने अपनी क्षमता का परिचय अडानी ट्रांसपोटर विवाद के दौरान भी दिया जब मसले को उन्होंने हिमाचल के हक में हल करवाने में सफलता पाई। वैसे तो हिमाचल में आर्थिक संकट कोई नया नहीं है लेकिन मुख्यमंत्री ने जनकल्याण की घोषणाओं में कभी पैसे की कमी का रोना नहीं रोया। हिमाचल के लोगों को सोलर पावर प्रोजेक्टस में वित्तीय सहायता के साथ आरक्षण और बेरोजगार युवाओं को ई-टैक्सी के लिए परमिट जारी करने का फैसला युवाओं में आशा जगाने वाला साबित हुआ है। हिमाचल को ग्रीन स्टेट बना राष्ट्रीय परिदृश्य पर हिमाचल को उभारने और वाटर सेस मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ आंख में आंख डाल कर बात करने वाले सुक्खू ने आने वाले कल के लिए सुनहरे हिमाचल की नींव रख दी है।

शिमला नगर निगम को वास्तव में स्मार्ट बनाने के लिए रूके पड़े रोपवे प्रोजेक्ट में भी सुक्खू सरकार ने तेजी लाई है। सरकार का एक दल हाल ही में विदेश में इस रोपवे प्रोजेक्ट के लिए लेटेस्ट इक्विपेंट और तकनीक का ज्ञान लेकर आए हैं, जिसे शिमला रोपवे प्रोजेक्ट में लागू किया जाना हैं। वहीं, शिमला को तारों के जंजाल से मुक्त करने का बीड़ा भी स्वंय मुख्यमंत्री ने अपने कंधों पर लिया है।

सुक्खू की तेजी से बढ़ती स्वीकार्यता का अंदाजा इंडियन एक्सप्रेस की ताजा जारी 100 सबसे शक्तिशाली भारतीयों की लिस्ट में उनके नाम होने से भी लग जाता है। राष्टीय स्तर पर कांग्रेस और हाईकमान में अपनी कार्यशैली की बदौलत सुक्खू अग्रणी नेताओं में शुमार हैं।

ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन

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