
#खबर अभी अभी कुनिहार ब्यूरो*
13 फरवरी 2023
शिव तांडव गुफा कुनिहार के मंदिर प्रांगण में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित हो रही ग्यारह दिवसीय ज्ञनमयी एवं पावक महाशिवपुराण कथा के सातवें दिन कथावाचक पंडित टेकचंद शर्मा ने अपने मुखारविंद से इस पावन कथा का रसास्वादन, अर्थानुभूति एवं आनंदानुभूति कराते हुए उपस्थित सभी शिव भक्तों को भगवान शिव शंकर एवं मां पार्वती विवाह के प्रसंग को बहुत ही मनमोहक एवं भावपूर्ण तरीके से उपस्थित भक्तों को सुनाया । कथावाचक ने व्यासगद्दी से प्रवचनों की बौछार और रसास्वादन कराते हुए कहा कि भगवान शिव की महिमा असीमित एवं अपरंपार है । भगवान शिव का ना आदि का पता है ना अंत का पता है । भगवान शिव आध्यात्मिक जगत में सभी देवों में सबसे महान माने जाते हैं इसलिए उन्हें देवाधिदेव भी कहा जाता है । भगवान शिव शीघ्र ही अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं इसीलिए उन्हें आशुतोष के नाम से भी जाना जाता है शिव को मानने वाले संसार में बहु संख्या में पाए जाते हैं भगवान शिव इस संसार के कण-कण में विद्यमान एवं सर्वशक्तिमान है उन्होंने कहा कि ईश्वर का एक रूप नहीं है परंतु वह समस्त रूपों को अभीगृहित किए हुए जब भोलेनाथ हमेशा हमारी और है तो हमें किस से डरने की आवश्यकता नहीं है जब हम शिव की इच्छा के सामने आत्मसमर्पण करते हैं और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तब भोलेनाथ हमारे पग- पग पर हमारे रक्षा करते हैं ।
जैसे पलके हमारी आंखों की रक्षा करती है एक बार जब हम कर्तापन की भावना को छोड़ देते हैं और उनके दिव्य हाथों में केवल मात्र हम यंत्र बन जाते हैं तो हम पर अपनी कृपा अवश्य भोलेनाथ बरसाते हैं हम अपने सभी प्रयासों में सफलता प्राप्त करते हैं सर्वव्यापी एवं सर्वशक्तिमान भोलेनाथ हमारी आवश्यकता को हमेशा पूरा करते हैं और हमारे साथ सदैव विद्यमान रहते हैं हमें घबराने की आवश्यकता नहीं है, ऐसा अटूट विश्वास हमें अपने अंदर विकसित करना चाहिए इस महाशिवपुराण कथा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए शिव तांडव विकास समिति के प्रधान राम रतन तंवर ने बताया कि आज जेस्ठ सोमवार होने के कारण अखंड रामायण का भी आयोजन किया गया इस कथा का आयोजन सात फरवरी से 17 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ कथा पूर्ण होगी इस कथा के दौरान सुबह सात बजे मूल पाठ प्रतिदिन एवं दोपहर एक से चार बजे तक प्रतिदिन कथा का आयोजन एवं उसके उपरांत सभी को नारायण सेवा के रूप में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है कथा के उपरांत अठारह फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व भी शिव तांडव गुफा के प्रांगण में बड़े हर्ष उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाएगा । उन्नीस फरवरी रविवार को गुफा प्रांगण में विशाल भंडारे का आयोजन सभी भक्तों के लिए किया जाएगा इस कथा में कुनिहार एवं आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग इस पावनमयी कथा में उपस्थित होकर के पुण्य के भागीदार बन रहे हैं और साथ ही उन्होंने सभी को मंगलकारी एवं पावन कथा में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया ।
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