
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो *
14 नवम्बर 2024
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 राजीव बिन्दल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैंसले ने साबित कर दिया कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार किस प्रकार गैर कानूनी तरीके से मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति करते हुए दो साल व्यतीत कर दिए। लगातार हिमाचल प्रदेश के पैसे का दुरूपयोग हुआ, शक्तियों का दुरूपयोग हुआ, 6 मुख्य संसदीय सचिव बनाकर उनको मंत्रियो के बराबर शक्तियां देना गैर कानूनी रहा, संविधान के खिलाफ रहा।
डाॅ0 बिन्दल ने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं जिन्होनें सभी 6 मुख्य संसदीय सचिवों को पदच्युत करने का निर्देश दिया। इनकी शक्तियां व कानून को समाप्त करने का जो फैंसला किया, वो स्वागत योग्य कदम है और हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ अन्यायपूर्ण रवैया वर्तमान कांग्रेस सरकार ने किया है, हम उसकी निंदा करते हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने किया झूठी गारंटियों का प्रयोग,अब देश की जनता इन गारंटियों का सच जान चुकी है : बिंदल
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ राजीव बिन्दल ने आज नागपुर में महाराष्ट्र चुनाव के मद्देनजर प्रैस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 2022 में हिमाचल प्रदेश में एक राजनैतिक प्रयोग किया जिसमें समाज के हर वर्ग को लोक लुभावन वायदे किए, गारंटियां दी और इन गारंटियों के आधार पर सत्ता प्राप्त की, परन्तु गारंटियां तो कहां पूरी होनी थी, क्योंकि वो झूठी थी और केवल वोट प्राप्त करने के लिए दी गई थी, इसके विपरीत हिमाचल प्रदेश की माली हालत को खराब कर दिया गया। न 28 लाख महिलाओं को 1500 रू0 मिले, न 5 लाख बेरोजगारों को नौकरियां मिली, न 100 रू0 लीटर दूध बिका, न 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिली, इसके विपरीत बिजली महंगी की, डीजल महंगा किया, पानी महंगा किया, यात्रा महंगी हुई, संस्थान बंद हुए, स्टाम्प डयूटी बढ़ी, बिजली डयूटी बढ़ी।
डाॅ0 बिन्दल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का यह झूठी गारंटियों का प्रयोग कर्नाटक में भी कांग्रेस ने किया परन्तु अब देश की जनता इन गारंटियों का सच जान चुकी है। महाराष्ट्र की जनता कांग्रेस पार्टी और महाविकास अघाड़ी के इस झूठे ऐजेन्डे में नहीं आएगी और भाजपा व महायुति को अपना आशीर्वाद देकर जिताएगी। डाॅ0 बिन्दल ने कहा कि इस प्रैस वार्ता में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री संजय बंडी तेलंगाना से आए थे और स्वामी नारायण, नेता प्रतिपक्ष कर्नाटक से आए थे, उन्होनें भी तेलंगाना व कर्नाटक की कांग्रेस सरकारों की पोली खोली।





