
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
27 मई 2024
पीएम मोदी ने सोलन की एक जनसभा में सेब पर आयात शुल्क 100 प्रतिशत किए जाने की बात कही थी, लेकिन अमेरिका जाने के बाद वापस लौटते ही प्रधानमंत्री ने आयात शुल्क घटाकर 50 फ़ीसदी कर दिया। जिससे बागवानों की कमर टूट रही है। कांग्रेस के राज्य उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान सेब पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से बढ़कर 70 प्रतिशत किया था । हालांकि लंबे समय से आयात शुल्क को 100 प्रतिशत लागू किए जाने की मांग है। उन्होंने कहा कि हिमाचल आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी को बागवानों से किए गए वायदे पर जवाब देना होगा।
राजधानी शिमला में एक पत्रकार वार्ता के दौरान नरेश चौहान ने कहा कि आज के चुनावों में सत्ताधारी बीजेपी द्वारा कोई नई बात नहीं की जा रही है । पिछले लोकसभा चुनावों से पूर्व जो वायदे किए गए थे। जमीनी धरातल पर उनका कोई वजूद ही नहीं है। किसाने और बागवानों को गुमराह किया गया है। पीएम मोदी ने वायदा किया था कि फलों के जूस का 5 फ़ीसदी पेय पदार्थ के अंतर्गत हिस्सेदारी में लागू किया जाएगा और इस पर कानून भी बनाया जाएगा। लेकिन यह बात केवल चुनावी भाषण में दम तोड़ती नजर आई। चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी वर्तमान राज्य सरकार के 15 महीने के कार्यकाल में किए गए कार्यों पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि भाजपा नेता राजनीति को निचले स्तर पर ले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में दो ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किए हैं। दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है। सेब किलो के आधार पर बेचे जाने की नीति लाई गई। राज्य सरकार ने सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ऐतिहासिक डेढ़ रुपये की बढ़ोतरी करने के साथ-साथ सीए स्टोर का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए काम किया और अब अगले सीजन से सेब यूनिवर्सल कार्टन में बिकने जा रहा है। 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह सम्मान निधि देने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही 1000 और 1150 रुपये पेंशन प्राप्त करने वाली प्रदेश की 2.74 लाख महिलाओं को भी 1500 रुपये पेंशन प्रदान की जा रही है।
नरेश चौहान ने कहा कि कहा कि आपदा के दौरान राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किया जबकि भाजपा आपदा के दौरान गुम रही। जब हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाया गया, तो भाजपा के किसी भी विधायक ने साथ नहीं दिया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अनेकों कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं। आपातकाल के दौरान किसान और बागवानों को होने वाली समस्याओं के मध्य नजर रातों-रात जेसीबी लगाकर सड़कें और मार्ग सुचारु किये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने का सीए स्टोर, प्रोसेसिंग यूनिट और एमएसपी पर काम कर पीडीपी और रोजगार में योगदान दिया।
जबकि इसके उलट केंद्र की मोदी सरकार किसान बागवान विरोधी निर्णय ले रही है हिमाचल प्रदेश में मोदी की टीम को इस विषय में बात करनी चाहिए उन्हें यह बताना चाहिए कि से आयात पर बागवानों की मांग गलत है या सही उन्हें यह भी जवाब देना चाहिए कि पीएम मोदी ने किस बागवानों से जो वायदे किए थे वह पूरे क्यों नहीं किए गए। कांग्रेस नेता नरेश चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने 10 साल के कार्यकाल में किए गए कामों पर रिपोर्ट कार्ड दिखाने की बात नहीं कर रहे हैं। जबकि उनकी भाषा शैली मात्र कांग्रेस को कोसने का काम कर रही है। लेकिन आज देश की जनता बदलाव की तरफ अग्रसर है । बढ़ती महंगाई, बेरोजगार और आर्थिकी के मुद्दों पर बीजेपी घिर चुकी है और चुनाव परिणामों में बीजेपी का जाना अब तय हो चुका है।





