
मंडी
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी विकास खंड अधिकारी वर्चुअली जुड़े रहे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत घोषित मॉडल गांवों का सत्यापन हर हाल में एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मिशन के अंतर्गत 520.90 लाख रुपये की स्वीकृत सीमा के मुकाबले अब तक 432.27 लाख रुपये की राशि का उपयोग किया जा चुका है।
मनरेगा की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी तक 60.24 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के मुकाबले 44.88 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए 1,379 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 952 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 722 मामलों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में स्वीकृत आवासों का निर्माण 31 मार्च, 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने सभी विकास खंड अधिकारियों को योजनाओं की नियमित समीक्षा, फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर ग्रामीण जनता तक पहुंचे। बैठक में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, ओडीएफ प्लस मॉडल सत्यापन, सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों की कार्यशीलता तथा जियो टैगिंग की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा तथा जिला विकास अधिकारी ग्रामीण विकास गोपी चंद पाठक उपस्थित रहे, जबकि जिले के सभी बीडीओ वर्चुअली बैठक से जुड़े रहे।





