
खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन
30 जनवरी 2023
राज्य में मनरेगा योजना के तहत हर पंचायत में एक वक्त में सामुदायिक और व्यक्तिगत काम सभी तरह के कुल 20 कार्यों को किया जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश में हजारों लोग मनरेगा में काम मांग रहे हैं, मगर ग्राम पंचायतें इनकार कर रही हैं। इस योजना पर थोपी गईं नई शर्तों से हिमाचल में मनरेगा का कामकाज लगभग ठप हो गया है। नई शर्तों के अनुसार एक समय में पंचायतें केवल 20 काम ही दे रही हैं। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह का कहना है कि इसमें फिलहाल कुछ नहीं किया जा सकता है।
यह पेच केंद्र सरकार ने डाला है। इस पेच को हटाने के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी जा रही है। राज्य में मनरेगा योजना के तहत हर पंचायत में एक वक्त में सामुदायिक और व्यक्तिगत काम सभी तरह के कुल 20 कार्यों को किया जा सकेगा। मनरेगा के तहत टैंक, गोशाला, भूमि सुधार, सुरक्षा दीवार आदि व्यक्तिगत काम होते हैं।
सामुदायिक कार्यों में रास्तों का निर्माण, पानी के टैंक, सामुदायिक भवन निर्माण, सड़क की मरम्मत, सोलिंग या पक्का करने जैसे काम शामिल हैं। ऐसे तमाम काम ठप हो गए हैं। मनरेगा काम आधारित योजना है। लोग मनरेगा एक्ट का हवाला देते हुए काम मांग रहे हैं, मगर ग्रामीण विकास विभाग हाथ खडे़ कर रहा है।
दो महीनों से सामग्री का बजट भी नहीं आ रहा
हिमाचल प्रदेश में पिछले दो महीनों से मनरेगा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का बजट भी नहीं आ रहा है। इससे भी कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कामकाज ठप हो गए हैं। इसकी वजह भी केंद्र से बजट का रिलीज नहीं होना बताया जा रहा है।
दो बार की ऑनलाइन हाजिरी भी आ रही आडे़
अब मनरेगा कामगारों की ऑनलाइन हाजिरी शुरू हो गई है। यह हाजिरी दो-दो बार लगाई जा रही है। यह भी आडे़ आ रही है। पहले मनरेगा कामगार स्वच्छंद तरीके से काम करते थे। मस्टररोल में ही हाजिरी लगती थी, मगर अब निरागनी बढ़ गई है।
खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन





