
मंडी,
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर संस्कृति सदन मंडी में तीन प्रभावशाली नाटकों का मंचन किया गया, जिन्होंने सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखते हुए दर्शकों को गहन चिंतन के लिए प्रेरित किया। समकालीन विषयों और संवेदनशील मुद्दों पर आधारित इन प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
आकार थिएटर सोसाइटी द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘हन्नु हटेला से लड़की सेट क्यों नहीं होती?’ का निर्देशन दीप कुमार ने किया। नाटक में आज की युवा पीढ़ी की मानसिकता पर व्यंग्यात्मक कटाक्ष किया गया। कहानी के माध्यम से यह दर्शाया गया कि प्रेम जैसे भावनात्मक विषयों को भी अमीरी-गरीबी की सीमाओं में बांध दिया गया है। नाटक का नायक अंत तक अपनी आर्थिक स्थिति के कारण किसी लड़की को ‘सेट’ नहीं कर पाता, जो सामाजिक सोच पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
नाटक में हन्नु हटेला की भूमिका में विवेक धीरज, डायरेक्टर की भूमिका में अनिल महंत, जे.सी. बाबा की भूमिका में दीप कुमार, प्रिया व सुधा की भूमिका में साधना, सलमा व मोना की भूमिका में प्रीति ठाकुर, मसूद भाई की भूमिका में वेद कुमार तथा अम्मा की भूमिका में जय चौधरी ने प्रभावशाली अभिनय किया। प्रकाश परिकल्पना कश्मीर सिंह तथा संगीत व रूप सज्जा रूपेश बाली द्वारा की गई।
इसी अवसर पर सोसाइटी ऑफ द एम्पावरमेंट ऑफ कल्चरल डेवलपमेंट द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘सफेद पाला’ ने परिवार और समाज की वर्तमान स्थिति को मार्मिक ढंग से मंचित किया। नाटक में बच्चों के प्रति प्रेम, देखभाल और सही-गलत का भेद समझाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, विशेषकर ड्रग्स जैसी समस्या, को गंभीर सामाजिक चुनौती के रूप में रेखांकित करते हुए सामूहिक जागरूकता का आह्वान किया गया। इस नाटक में मास्टर मस्त राम की भूमिका वेद कुमार तथा टीका राम की भूमिका अनिल कुमार शर्मा ने निभाई। प्रकाश व्यवस्था और मुख सज्जा रूपेश बाली द्वारा की गई।
वहीं जागृति कला मंच द्वारा प्रस्तुत ‘अर्धनारीश्वर’ नाट्य प्रस्तुति में ट्रांसजेंडर समुदाय की समस्याओं और सामाजिक स्वीकृति के प्रश्न को संवेदनशीलता के साथ उठाया गया। प्रस्तुति ने समानता, सम्मान और मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।





