हिमाचल की आर्थिक तंगहाली पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आमने-सामने

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

3 सितंबर 2024

हिमाचल प्रदेश आर्थिक तंगहाली पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आमने-सामने आ गए हैं। मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के बाहर दोनों ने हिचकोले खाती प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार बताया। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों पर कहा कि हिमाचल में कोई आर्थिक संकट नहीं है। हम आर्थिक संकट को पार कर चुके हैं और अब राजकोषीय अनुशासन लाकर हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णय लेना जरूरी है। कहा कि विपक्ष सदन में चर्चा करे, हम चर्चा के लिए तैयार है।

किसी भी नियम के तहत चर्चा करे। हम जनता को बताना चाहते हैं कि वित्तीय कुप्रबंधन क्यों हुआ? और कैसे डबल इंजन की पूर्व भाजपा सरकार ने जनता के खजाने को लुटा दिया। बिजली-पानी माफ कर दिया। 600 के करीब संस्थान खोल दिए। कहा कि जब कोई नीतिगत फैसले नहीं होते तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, यह सब जनता को जानना चाहिए। जयराम ने जो पांच साल में प्रदेश के खजाने लुटा दिया, उस दृष्टि से चर्चा होनी चाहिए। हमारी सरकार किसी भी नियम के तहत चर्चा के लिए तैयार है।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में यह पहली बार ऐसी परिस्थिति बनी है कि कर्मचारियों को महीने की तीन तारीख बीतने के बाद भी वेतन नहीं मिला है।  इसका मतलब सीधा है कि हिमाचल में आर्थिक रूप से गंभीर संकट है। सीएम कभी बोलते हैं संकट है, कभी बोलते है संकट नहीं है। कभी बोलते हैं कि हिमाचल 2027 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनेगा। यदि प्रदेश सरकार के समक्ष इस तरह की परिस्थिति पर आ गई है कि कर्मचारियों का वेतन देने में असमर्थ है तो इस पूरे विषय को बहुत गंभीरता से सरकार को लेना चाहिए है।

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